इश्क
साहित्यइश्क /// जगत दर्शन न्यूज ✍️ बिजेंद्र कुमार तिवारी (बिजेंदर बाबू) इश्क कृष्ण है इश्क है राधा इश्क बिना तो जीवन आधा इश्क …
इश्क /// जगत दर्शन न्यूज ✍️ बिजेंद्र कुमार तिवारी (बिजेंदर बाबू) इश्क कृष्ण है इश्क है राधा इश्क बिना तो जीवन आधा इश्क …
तुम रशिया सी पावरफ़ुल, मैं यूक्रेन सा “मासूम” प्रिये ✍️ नीरेंन कुमार सचदेवा तुम रशिया सी पावरफ़ुल, मैं यूक्रेन सा “मास…
पथिक (गीत) ✍️ डाॅ. कंचन मखीजा, रोहतक, हरियाणा /// जगत दर्शन न्यूज तेरे मन की प्ररेणा आत्म-स्वाभिमान है, पथिक अविराम च…
मेरे पिया.. (गीत) डाॅ. कंचन मखीजा /// जगत दर्शन न्यूज रब से मांगूं मैं सजदे में ये ही दुआ। संग रहना सदा तुम बन के मेर…
नाटक (गीत) ✍️डॉ. कंचन मखीजा, रोहतक, हरियाणा, 9991186186 /// जगत दर्शन साहित्य ‘नाटक’ चलता सुख-दुख का यह जगत सरायखाना ह…
पैबंद ✍️डॉ. कंचन मखीजा, रोहतक, हरियाणा, 9991186186 /// जगत दर्शन साहित्य उधार की खुशी, बनावटी छवि और दिखावे से भरे,…
आठो याम...… /// जगत दर्शन न्यूज अवध दुलारे राम प्रभु, गोकुल नंदन श्याम। शिव शंभू कैलाशपति, विनवौ आठो याम।। त्रिशूल धार…
घूम लो तुम कहीं, मिलूंगा मैं यहीं ✍️ संजीव शाकिर /// जगत दर्शन न्यूज घूम लो तुम कहीं, मिलूंगा मैं यहीं। अद्य हो या कल म…
युवास्था की पीड़ा ✍️ संजय जैन "बीना" मुंबई /// जगत दर्शन न्यूज दिलकी और मन की बातें। बहुत परेशान कर रही है…
खत (कविता) ✍️अच्युत उमर्जी, पुणे, महाराष्ट्र ------------------- सुनो ना... कभी नौबत ही ना आई... तुझे खत लिखने की... …
कर्मठ मेरा यौवन हो (कविता) ✍️प्रीतम कुमार पाठक (बेगूसराय, बिहार) ---------------------------- /// जगत दर्शन न्यूज व्यो…
कुछ कहती है ये सरिता.... ✍️डॉ.सरिता शुक्ला (असिस्टेंट प्रोफेसर एवं लेखिका अयोध्या) -----------------------------------…
एक और शुरुआत ✍️प्रो. स्मिता शंकर, बैंगलोर पुराने कैलेंडर की आख़िरी तारीख़ से जब समय चुपचाप फिसलता है, कुछ यादें मुड़कर…
पीयूष वर्ष छंद ✍️ डॉ. राजश्री तिरवीर (असिस्टेंट प्रोफेसर, हिन्दी) बेलगांव, कर्नाटक --------------------------------- …
मां सरस्वती राष्ट्रीय काव्य मंच भारत की आभासी काव्य–विचार गोष्ठी में ‘सहयोग’ विषय पर सार्थक विमर्श ///जगत दर्शन न्यूज न…
हिंदी लोकभाषा साहित्य समकालीन मगही कविता लेखन को नयी भाव भंगिमा प्रदान करने वाले कवि: मथुरा प्रसाद नवीन ✍️राजीव कुमा…
अटल बिहारी वाजपेयी: एक युगद्रष्टा युगपुरुष ........ ✍️ बिजेंद्र कुमार तिवारी (बिजेंदर बाबू) अटल अटल थे अटल रहेंगे, अटल …
मिट्टी, पानी और विदाई के दिन (कविता) ✍️मुस्कान बेगम, बेंगलुरु --------------------------------------- /// जगत दर्शन…
गीत """"""""""" रोज़ छपे अखबारों में..... ✍️ कृष्ण चतुर्…
दिव्यांग ✍️ डाॅ.कंचन मखीजा /// जगत दर्शन न्यूज चुप रह कर भी नैनों से वो बात अपनी कह जाते हैं.. जिन्हें समझते तुम दिव्य…