दिल्ली में साहित्य सेवक कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन, देशभर के रचनाकारों ने बांधा साहित्यिक समां
साहित्यदिल्ली में साहित्य सेवक कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन, देशभर के रचनाकारों ने बांधा साहित्यिक समां /// जगत दर्शन न्यूज नई दि…
दिल्ली में साहित्य सेवक कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन, देशभर के रचनाकारों ने बांधा साहित्यिक समां /// जगत दर्शन न्यूज नई दि…
हिंदी दिवस (14 सितंबर) यह मेरी हिंदी भाषा है ✍️डॉ कविता परिहार नागपुर कितनी उज्जवल कितनी शीतल कितनी सरल सुलभ भाषा है,…
सावन का सुहाना मनभावन मौसम मन में कुछ कसक जगाता है। उस कसक की भावना को शब्दों में पिरोया है, कवियित्री किरण बरेली ने।।…
चला मुसाफिर...... ✍️बिजेन्द्र कुमार तिवारी (बिजेन्दर बाबू) /// जगत दर्शन न्यूज अंजानी मंजिल सखे, अंजाना है राह चला म…
युवा कवि प्रभात ने अपनी कविता के माध्यम से कराया गौरवशाली भारत का परिचय हिंदी व भोजपुरी की मौलिक कविताओं के माध्यम से …
ओ देश जगाने वालों..... /// जगत दर्शन न्यूज भड़की है नफरत की ज्वाला, पहले उसे संभालो मरी आत्मा आज जगा, ओ देश जगाने वालो…
लौट धरा पर आओ....., क्रांति भाव जगाओ जाति धर्म से ऊपर उठकर मानवता का मान दिया। भारत के आभूषण तूने नित् सबको सम्मान दि…
..….ज्ञानी कहलाई ✍🏻 बिजेन्द्र कुमार तिवारी (बिजेन्दर बाबू) 7250299200 घास के रंग बा हरियर काहे, हवा काहे ना लउकेला..…
डॉ. कृष्ण चतुर्वेदी - हाड़ौती की साहित्य शक्ति शब्दों से रचा वृंदावन ✍️ कृष्ण चतुर्वेदी, बूंदी, राजस्थान इश्क और ज्ञा…
🌳 पेड़ कटे, क्या करें 🌳 /// जगत दर्शन न्यूज ✍️ संध्या वर्मा पेड़ कटे, क्या करें, धूप कड़ी, क्या करें। नदियाँ सब ब…
ना भाजपा, ना कांग्रेस, लोकतंत्र की पुजारिन हूं /// जगत दर्शन न्यूज ✍️संध्या वर्मा ना भाजपा की बात करती हूं, ना कांग्रे…
अब खुद ही गिर जाओ तुम, टूट कर जमीं पर ✍️ द्विवेदी प्रशांत (सारण बिहार) /// जगत दर्शन न्यूज अब खुद ही गिर जाओ तुम, टूट क…
गंगा /// जगत दर्शन न्यूज ✍️सुनीता सिंह सरोवर करते रहे हम साधना,नित अर्चना सरि गंग की। भजते रहे शुभ नाम को, मुनि साधु क…
मेट्रो में एक घंटे की प्रेम कहानी ------------------- /// जगत दर्शन न्यूज ✍️उमेश श्रीवास्तव "पथिक" कभी कभी ऐ…
तपिश में मजदूर सच्चे मन की यह आवाज है, जिसे शब्दों में बयां करने का प्रयास किया है। इन कर्मवीरों कर्मठ लोगों के अथक पर…
महबूब ✍️डॉ. कंचन मखीजा, रोहतक, हरियाणा, 9991186186 /// जगत दर्शन साहित्य हो के तेरा! जाना कि ये मैं नहीं..तुम हूँ। न स…
इश्क ✍️डॉ. कंचन मखीजा, रोहतक, हरियाणा, 9991186186 /// जगत दर्शन साहित्य उतरो ज़ेहन में.. सुन इश्क! रफ्ता रफ्ता... इस …
इश्क /// जगत दर्शन न्यूज ✍️ बिजेंद्र कुमार तिवारी (बिजेंदर बाबू) इश्क कृष्ण है इश्क है राधा इश्क बिना तो जीवन आधा इश्क …
तुम रशिया सी पावरफ़ुल, मैं यूक्रेन सा “मासूम” प्रिये ✍️ नीरेंन कुमार सचदेवा तुम रशिया सी पावरफ़ुल, मैं यूक्रेन सा “मास…
पथिक (गीत) ✍️ डाॅ. कंचन मखीजा, रोहतक, हरियाणा /// जगत दर्शन न्यूज तेरे मन की प्ररेणा आत्म-स्वाभिमान है, पथिक अविराम च…