डॉ. कृष्ण चतुर्वेदी - हाड़ौती की साहित्य शक्ति
साहित्यडॉ. कृष्ण चतुर्वेदी - हाड़ौती की साहित्य शक्ति शब्दों से रचा वृंदावन ✍️ कृष्ण चतुर्वेदी, बूंदी, राजस्थान इश्क और ज्ञा…
डॉ. कृष्ण चतुर्वेदी - हाड़ौती की साहित्य शक्ति शब्दों से रचा वृंदावन ✍️ कृष्ण चतुर्वेदी, बूंदी, राजस्थान इश्क और ज्ञा…
🌳 पेड़ कटे, क्या करें 🌳 /// जगत दर्शन न्यूज ✍️ संध्या वर्मा पेड़ कटे, क्या करें, धूप कड़ी, क्या करें। नदियाँ सब ब…
ना भाजपा, ना कांग्रेस, लोकतंत्र की पुजारिन हूं /// जगत दर्शन न्यूज ✍️संध्या वर्मा ना भाजपा की बात करती हूं, ना कांग्रे…
अब खुद ही गिर जाओ तुम, टूट कर जमीं पर ✍️ द्विवेदी प्रशांत (सारण बिहार) /// जगत दर्शन न्यूज अब खुद ही गिर जाओ तुम, टूट क…
गंगा /// जगत दर्शन न्यूज ✍️सुनीता सिंह सरोवर करते रहे हम साधना,नित अर्चना सरि गंग की। भजते रहे शुभ नाम को, मुनि साधु क…
मेट्रो में एक घंटे की प्रेम कहानी ------------------- /// जगत दर्शन न्यूज ✍️उमेश श्रीवास्तव "पथिक" कभी कभी ऐ…
तपिश में मजदूर सच्चे मन की यह आवाज है, जिसे शब्दों में बयां करने का प्रयास किया है। इन कर्मवीरों कर्मठ लोगों के अथक पर…
महबूब ✍️डॉ. कंचन मखीजा, रोहतक, हरियाणा, 9991186186 /// जगत दर्शन साहित्य हो के तेरा! जाना कि ये मैं नहीं..तुम हूँ। न स…
इश्क ✍️डॉ. कंचन मखीजा, रोहतक, हरियाणा, 9991186186 /// जगत दर्शन साहित्य उतरो ज़ेहन में.. सुन इश्क! रफ्ता रफ्ता... इस …
इश्क /// जगत दर्शन न्यूज ✍️ बिजेंद्र कुमार तिवारी (बिजेंदर बाबू) इश्क कृष्ण है इश्क है राधा इश्क बिना तो जीवन आधा इश्क …
तुम रशिया सी पावरफ़ुल, मैं यूक्रेन सा “मासूम” प्रिये ✍️ नीरेंन कुमार सचदेवा तुम रशिया सी पावरफ़ुल, मैं यूक्रेन सा “मास…
पथिक (गीत) ✍️ डाॅ. कंचन मखीजा, रोहतक, हरियाणा /// जगत दर्शन न्यूज तेरे मन की प्ररेणा आत्म-स्वाभिमान है, पथिक अविराम च…
मेरे पिया.. (गीत) डाॅ. कंचन मखीजा /// जगत दर्शन न्यूज रब से मांगूं मैं सजदे में ये ही दुआ। संग रहना सदा तुम बन के मेर…
नाटक (गीत) ✍️डॉ. कंचन मखीजा, रोहतक, हरियाणा, 9991186186 /// जगत दर्शन साहित्य ‘नाटक’ चलता सुख-दुख का यह जगत सरायखाना ह…
पैबंद ✍️डॉ. कंचन मखीजा, रोहतक, हरियाणा, 9991186186 /// जगत दर्शन साहित्य उधार की खुशी, बनावटी छवि और दिखावे से भरे,…
आठो याम...… /// जगत दर्शन न्यूज अवध दुलारे राम प्रभु, गोकुल नंदन श्याम। शिव शंभू कैलाशपति, विनवौ आठो याम।। त्रिशूल धार…
घूम लो तुम कहीं, मिलूंगा मैं यहीं ✍️ संजीव शाकिर /// जगत दर्शन न्यूज घूम लो तुम कहीं, मिलूंगा मैं यहीं। अद्य हो या कल म…
युवास्था की पीड़ा ✍️ संजय जैन "बीना" मुंबई /// जगत दर्शन न्यूज दिलकी और मन की बातें। बहुत परेशान कर रही है…
खत (कविता) ✍️अच्युत उमर्जी, पुणे, महाराष्ट्र ------------------- सुनो ना... कभी नौबत ही ना आई... तुझे खत लिखने की... …
कर्मठ मेरा यौवन हो (कविता) ✍️प्रीतम कुमार पाठक (बेगूसराय, बिहार) ---------------------------- /// जगत दर्शन न्यूज व्यो…