मेरे पिया.. (गीत)
/// जगत दर्शन न्यूज
रब से मांगूं मैं सजदे में ये ही दुआ।
संग रहना सदा तुम बन के मेरे पिया।।
साँसों में तू है धड़कन में तू है,
नज़रों में तू है नज़ारों में तू है।
तेरे संग हर पल मुस्काई हूँ मैं,
तेरी ही बाहों में जी पाई हूँ मैं।
तू ही साहिल तू ही है किनारा पिया।।
तुझसे जुड़ी है हर दास्तां ये,
चलता रहेगा सदा कारवां ये।
तुझसे ही हर दिल को महकाऊंगी मैं,
तुझसे ही चिलमन सजा पाऊंगी मैं।
बिन तेरे मेरा अब ना लागे जिया।।
हर सुबह तू है, हर शाम तू है,
उम्मीदों का हर एक अरमाॅ तू है।
बातों में डूबी रवानी में तू है,
यादों की भीगी कहानी में तू है।
कैसा तूने है मुझपे ये जादू किया।।
तेरी मौहब्बत ने जीवन बनाया,
सतरंगी तारों सा गुलशन सजाया।
तुम चाँद मेरे हर श्रृगांर तुमसे,
सुख दुःख की घड़ियों में झंकार तुमसे।
मैं हूं बाती प्रिये! तुम हो मेरा दिया।।
✍️ डाॅ. कंचन मखीजा, रोहतक, हरियाणा

