रिश्तों में मधुरता के लिए मन को सकारात्मक रखना बेहद जरूरी: ईवी गिरीश
अपेक्षाएं, अहंकार और नकारात्मक सोच रिश्तों में बढ़ाती हैं दूरी; क्षमा, विश्वास और सम्मान से मजबूत होते हैं संबंध
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए व्यवहार के साथ मन को सकारात्मक रखना बेहद जरूरी होता है। क्योंकि अपेक्षाएं, अहंकार और नकारात्मक सोच रिश्तों में दूरी बढ़ाती हैं, जबकि विश्वास, सम्मान, सहयोग और क्षमा संबंधों को मजबूत बनाते हैं। यह बातें अंतर्राष्ट्रीय काउंसलर ईवी गिरीश भाई जी ने शहर के भिखारी ठाकुर प्रेक्षागृह में आयोजित त्रिदिवसीय राजयोग शिविर के अंतिम दिन कहीं। उन्होंने यह भी कहा कि राजयोग ध्यान में मन को शांत और स्थिर रखने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि नियमित ध्यान से व्यक्ति अपने विचारों और भावनाओं पर नियंत्रण करना सीखता है। इससे तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी संतुलित निर्णय लेने और दूसरों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने में मदद मिलती है।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की छपरा इकाई की ओर से आयोजित शिविर में ‘स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशी का रहस्य’ विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन में भौतिक सुविधाएं बढ़ने के बावजूद मानसिक तनाव और रिश्तों में खटास बढ़ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण छोटी- छोटी बातों को लेकर अपेक्षा रखना और दूसरों की कमियों पर अधिक ध्यान देना है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को समझने और स्वीकार करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। रिश्तों में सामने वाले की कमियों के बजाय उसके गुणों को देखने से सकारात्मक वातावरण बनता है। मन में पुरानी बातों को लेकर शिकायत रखने से व्यक्ति स्वयं भी तनाव में रहता है और संबंध भी प्रभावित होते हैं। ऐसे में क्षमा और सकारात्मक सोच को जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ और खुशहाल जीवन केवल शरीर के स्वस्थ रहने से संभव नहीं है। बल्कि इसके लिए मन की शांति और रिश्तों की मजबूती भी जरूरी है। हालांकि व्यक्ति स्वयं को बदलने का प्रयास करे तो उसके व्यवहार में बदलाव आता है और इसका सकारात्मक प्रभाव परिवार तथा समाज पर पड़ता है। तीन दिवसीय शिविर में राजयोग ध्यान, सकारात्मक सोच, आत्मिक जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली, समृद्धि और प्रसन्नता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। अंतिम दिन बड़ी संख्या में शहरवासी और संस्था से जुड़े लोग मौजूद रहे। शिविर के समापन पर प्रतिभागियों को नियमित राजयोग ध्यान और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर बीके अनामिका दीदी के नेतृत्व में सीपीएस के निदेशक डॉ हरेंद्र सिंह, बीके अरविंद भाई, संस्कृति द मॉडल स्कूल के निदेशक संदीप आनंद के द्वारा संयुक्त रूप से ईवी गिरीश भाई और माउंट आबू से आए बीके बारा प्रसाद और निरंजन भाई को अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया।

