प्रधानमंत्री आवास योजना की जियो-ट्रैकिंग में अवैध वसूली का आरोप, नगर पंचायत ने बताया निराधार
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: मांझी नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हो रही जियो-ट्रैकिंग को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। भारतीय जनता पार्टी मंडल-मांझी मध्य के अध्यक्ष एवं 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के प्रखंड उपाध्यक्ष मनोज कुमार प्रसाद ने नगर पंचायत के कर्मियों पर योजना के नियमों की अनदेखी करते हुए जियो-ट्रैकिंग करने तथा इसके नाम पर कथित अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगाया है।
इस संबंध में उन्होंने नगर पंचायत मांझी की कार्यपालक पदाधिकारी रक्षा लोहिया को आवेदन देकर मामले की जांच कराने तथा कथित अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। आवेदन की प्रतिलिपि सारण के जिलाधिकारी को भी भेजे जाने की बात कही गई है।
आवेदन में मनोज कुमार प्रसाद ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नियमों के अनुरूप लाभुकों की जियो-ट्रैकिंग कराई जानी चाहिए, ताकि किसी जरूरतमंद गरीब व्यक्ति को योजना के लाभ से वंचित न होना पड़े। उन्होंने जियो-ट्रैकिंग के नाम पर कथित रूप से पैसे लिए जाने की शिकायत करते हुए इसकी जांच की मांग की है।
नगर पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, इन आरोपों को नगर पंचायत की ओर से पूरी तरह खारिज किया गया है। नगर पंचायत अध्यक्ष विजय देवी के प्रतिनिधि विशाल कुमार उर्फ बिट्टू राय ने प्रधानमंत्री आवास योजना की जियो-ट्रैकिंग में अवैध वसूली के आरोप को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि जियो-ट्रैकिंग की प्रक्रिया नगर पंचायत के कर्मचारियों के साथ वार्ड पार्षद प्रतिनिधियों की देखरेख में की जाती है।
नगर पंचायत की उपाध्यक्ष नीतू सिंह ने भी पैसे की वसूली के आरोप को गलत बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना की जियो-ट्रैकिंग के लिए किसी भी लाभुक से पैसे नहीं लिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाने वाले पक्ष पर राजनीतिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नगर पंचायत में हो रहे अच्छे कार्यों को लेकर विपक्षी पक्ष को आपत्ति है।
नगर पंचायत के कई पार्षद प्रतिनिधियों एवं अध्यक्ष प्रतिनिधि ने भी जियो-ट्रैकिंग के नाम पर किसी प्रकार की राशि लिए जाने से इनकार किया है।
कार्यपालक पदाधिकारी रक्षा लोहिया ने भी लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।
फिलहाल, एक पक्ष की ओर से जियो-ट्रैकिंग में कथित अवैध वसूली की जांच की मांग की गई है, जबकि नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने आरोपों से इनकार किया है। मामले में वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
