₹25 हजार रिश्वत लेते सहायक आयुक्त और डेटा एंट्री ऑपरेटर गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई
बेगूसराय (बिहार), 6 अक्टूबर 2026
भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार की टीम ने बेगूसराय में राज्यकर विभाग के एक सहायक आयुक्त और उनके कार्यालय में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर को कथित रूप से 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान प्रकाश चन्द्र मोहन, सहायक आयुक्त, राज्यकर, बेगूसराय अंचल और संतोष कुमार झा, डेटा एंट्री ऑपरेटर, सहायक आयुक्त कार्यालय, बेगूसराय के रूप में हुई है। निगरानी ब्यूरो के अनुसार दोनों को सहायक आयुक्त के कार्यालय कक्ष से रिश्वत की राशि लेते गिरफ्तार किया गया।
नोटिस का निपटारा होने के बाद भी कार्रवाई का दबाव बनाने का आरोप
ब्यूरो के अनुसार, बेगूसराय निवासी ज्योति कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मामले में नोटिस का निपटारा हो जाने के बाद भी दोबारा तीन नोटिस भेजे गए और कड़ी कार्रवाई का दबाव बनाया गया। मामले को समाप्त करने के एवज में रिश्वत की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया।
शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने उसका सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि होने के बाद निगरानी थाना कांड संख्या 116/26, दिनांक 5 अक्टूबर 2026 दर्ज किया गया।
इसके बाद पुलिस निरीक्षक सुभाष स्वामी के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक सतीश चन्द्र माधव के नेतृत्व में धावादल का गठन किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के बाद दोनों आरोपितों को विशेष न्यायालय, निगरानी, भागलपुर में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में अग्रतर अनुसंधान की कार्रवाई जारी है।
2026 में 116वीं प्राथमिकी, 106वां ट्रैप केस
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 116वीं प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक कांड जिला से स्थानांतरित होने के बाद ब्यूरो द्वारा कुल 117 कांडों का अनुसंधान किया जा रहा है।
वहीं, यह वर्ष 2026 का 106वां ट्रैप कांड बताया गया है। इन मामलों में अब तक कुल 107 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है। ब्यूरो के अनुसार इन कार्रवाइयों में अब तक 37 लाख 88 हजार 800 रुपये रिश्वत की राशि बरामद की गई है। इसके अलावा 37 हजार रुपये कीमत की एक नई वाशिंग मशीन भी बरामद की गई है।
ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे और रिश्वत के रूप में 37 लाख 80 हजार 300 रुपये बरामद किए गए थे।

