लौट धरा पर आओ....., क्रांति भाव जगाओ
जाति धर्म से ऊपर उठकर मानवता का मान दिया।
भारत के आभूषण तूने नित् सबको सम्मान दिया।।
शोषित पीड़ित दलित मानवता, तुझे देख मुस्काई
नवजीवन के आश में भारत, तेरी शरण में आई
बंदूक नहीं तू बिगुल बजाये क्रांति भाव जगाने को
भ्रष्ट तंत्र के भ्रष्ट जनो को मानवता समझाने को
भारत के उत्थान के खातिर, भारत में अवतार लिया
हे भारत भूषण तेरी, दानवता ने संहार किया
धन्य बिहार का भोजपुर जिला, धन्य बिलौटी गाँव।
क्रांति पुरुष ने जन्म लिया, लेकर ममता की छाँव।।
धन्य गोद आशा देवी का, काशीनाथ का आंगन।
जिनके फूल के खुशबू से, गमका बिहार का प्रांगण।।
हे कुल गौरव हे कुल भूषण, हे भारत कुल बीर
भारत के उद्धार के खातिर, त्यागा तूने शरीर
अपनी चिंता छोड़ के तूने, सोया राष्ट्र जगाया
लहू से अपने सींच धरा, क्रांति का मान बढ़ाया
हे कर्मवीर हे क्रान्तिवीर, हम तेरी गाथा गाते हैं
तेरे कुर्बानी के आगे, श्रद्धा शीष झुकाते हैं।।
26 साल की अल्पायु तुने अलख जगाया
भगतसिंह चन्द्रशेखर जस अमरों में नाम लिखाया
अभिमन्यु जस अल्प समय में, वीरगति को पाये
हँसते भये कुर्बान मृत्यु को, सादर गले लगाये
शरणागत हो कलम बिजेन्द्र की, शब्द सुमन बरसाये
कण-कण नतमस्तक भारत का, तेरा हीं गुण गाये
हे अमरवीर हे अमरपुरुष फिर लौट धरा पर आओ
मरी हुई मर्यादा सब में, क्रांति भाव जगाओ।
✍️बिजेन्द्र कुमार तिवारी (बिजेन्दर बाबू)
गैरतपुर, माँझी, सारण, बिहार, मोबाइल नंबर:- 7250299200

