तीन दिवसीय संस्कार समर कैम्प का हुआ भव्य समापन, बच्चों में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का हुआ विकास
वर्तमान समय में बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण के लिए केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा भी आवश्यक: बीके अनामिका दीदी
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, छपरा द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों के संवर्धन एवं आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय संस्कार समर कैम्प का सोमवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हो गया। समापन समारोह में लगभग 60 बच्चों और उनके अभिभावकों ने भी बढ़- चढ़कर भाग लिया और कार्यक्रम की सराहना की गई। समारोह की शुरुआत आध्यात्मिक वातावरण में ध्यान एवं प्रार्थना के साथ हुई। बच्चों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों के संवर्धन एवं आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित ऐसे कार्यक्रम वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता हैं।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी छपरा सेवा केंद्र की संचालिका बीके अनामिका दीदी ने बच्चों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण के लिए केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ध्यान (मेडिटेशन) के माध्यम से मन को शांत एवं शक्तिशाली बनाया जा सकता है। बच्चों को परमात्मा शिव बाबा से आत्मिक संबंध जोड़कर जीवन में सकारात्मकता, आत्मविश्वास और सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा दी गई। साथ ही सभी बच्चों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास भी कराया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच, सहयोग की भावना तथा संस्कारों का विकास होता है। साथ ही उन्हें जीवन में नैतिक आदर्शों का पालन करने, माता- पिता एवं गुरुओं का सम्मान करने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की प्रेरणा मिलती है।
बीके प्रियांशु बहन ने बताया कि तीन दिनों तक चले इस समर कैम्प में बच्चों को नैतिक शिक्षा, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, योग एवं सकारात्मक सोच से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। बच्चों के लिए अनेक रोचक एवं ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए सम्मानित किया गया। पूरे कार्यक्रम में उत्साह, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष माहौल देखने को मिला। आध्यात्मिक शिक्षा बच्चों के व्यक्तित्व को सशक्त बनाकर उन्हें तनावमुक्त, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करती
वही बीके अरविंद भाई ने बच्चों को संबोधित करते हुए परमात्मा शिव बाबा से प्राप्त होने वाली आध्यात्मिक शक्तियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परमात्मा के ज्ञान और योग के माध्यम से व्यक्ति जीवन की चुनौतियों का सामना अधिक आत्मबल और विवेक के साथ कर सकता है। कार्यक्रम के अंत में बच्चों और अभिभावकों ने ऐसे आयोजन को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के संस्कार आधारित शिविर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। समापन समारोह में बीके प्रिया, बीके अर्जुन, बीके अनुराग, बीके आराध्य सहित कई भाई- बहनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

