पोखर में जहर डालकर 25 लाख की मछलियां मारने का आरोप, सेवानिवृत्त फौजी की आजीविका पर संकट
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सारण जिले के मढ़ौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत भलुही गांव में मछली पालन व्यवसाय से जुड़े एक बड़े नुकसान का मामला सामने आया है। गांव की एक निजी तालाब में अज्ञात लोगों द्वारा जहरीला पदार्थ डालने की आशंका जताई जा रही है, जिससे लाखों रुपए मूल्य की मछलियों की मौत हो गई है। इस घटना से न केवल पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक क्षति हुई है, बल्कि पूरे इलाके में भी चिंता और चर्चा का माहौल बन गया है।
घटना के संबंध में बताया जाता है कि भलुही गांव निवासी सेवानिवृत्त सैनिक अखिलेश प्रसाद एवं उनकी पत्नी गायत्री देवी पिछले चार वर्षों से मछली पालन का व्यवसाय कर रहे हैं। उन्होंने करीब तीन एकड़ क्षेत्रफल की पोखर को लीज पर लेकर उसमें पंगास, रूपचंद, रोहू और कतला प्रजाति की मछलियां पाल रखी थीं। इस व्यवसाय को विकसित करने के लिए उन्होंने सरकारी अनुदान का भी लाभ लेने के साथ - साथ लगातार मेहनत कर इसे अपनी आजीविका का प्रमुख साधन बनाया था।
इस संबंध में पीड़ित अखिलेश प्रसाद ने बताया कि सोमवार की देर रात्रि को लगभग 11 बजे तक वह पोखरों की निगरानी करने के बाद वापस घर लौट गए। मंगलवार की सुबह जब वह नियमित रूप से मछलियों को दाना देने पहुंचे तो दो पोखरों में बड़ी संख्या में मछलियां मृत अवस्था में पानी की सतह पर तैरती दिखाई दीं। देखते ही देखते मछलियों के मरने का सिलसिला बढ़ता गया और सैकड़ों मछलियां पोखर में मृत पाई गईं।
अखिलेश प्रसाद का आरोप है कि किसी ने दुश्मनी या साजिश के तहत पोखरों में जहरीला पदार्थ डाल दिया है, जिस कारण इस तरह की घटना हुई है। हालांकि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार उन्हें लगभग 25 लाख रुपए मूल्य का आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि मछली पालन ही उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत है और इस नुकसान ने उन्हें गहरे संकट में डाल दिया है। घटना की सूचना मिलते ही मढ़ौरा थाने की पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी है।
जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि मत्स्य विभाग तथा फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया है। मृत मछलियों और पोखर के पानी के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेज दिया गया हैं। नमूनों की वैज्ञानिक जांच के बाद ही मछलियों की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जीवित बची मछलियों को सुरक्षित रखने तथा मृत मछलियों के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस और संबंधित विभाग इस मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच करने में जुटी हुई हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

