छपरा के विकास को नई दिशा देने की पहल, रेल सेवा विस्तार और एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर की उठी मांग
भारतीय हलधर किसान यूनियन ने केंद्र और राज्य सरकार को भेजा जनहित प्रस्ताव, किसानों के हितों की सुरक्षा के साथ आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर जोर
सारण (बिहार): सारण जिले के समग्र विकास, किसानों के हितों की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार तथा आम जनता को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय हलधर किसान यूनियन ने केंद्र एवं राज्य सरकार के समक्ष दो महत्वपूर्ण जनहित प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। यूनियन ने छपरा-पटना के बीच दैनिक रेल सेवा शुरू करने तथा छपरा से भगवानपुर तक एलिवेटेड रैपिड मेट्रो कॉरिडोर विकसित करने की मांग की है।
भारतीय हलधर किसान यूनियन के राष्ट्रीय कोर कमेटी उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता एवं बिहार-झारखंड प्रभारी डॉ. शैलेश कुमार गिरि द्वारा तैयार मांग पत्र को रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड, बिहार सरकार के संबंधित विभागों, बिहार मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) तथा सारण जिला प्रशासन सहित संबंधित अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से भेजा गया है।
मांग पत्र में छपरा जंक्शन से पटना जंक्शन तक दैनिक इंटरसिटी अथवा मेमू ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग की गई है। यूनियन का कहना है कि सारण और पटना के बीच प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी, कर्मचारी, व्यापारी और मरीज आवागमन करते हैं, इसलिए नियमित एवं तेज रेल सेवा की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।
इसके अलावा छपरा से नैनी द्वारकाधीश धाम, जलालपुर बाजार, महेंद्र मिश्र हाल्ट, पुछरी, बनियापुर और सहाजितपुर होते हुए भगवानपुर तक सड़क मार्ग के ऊपर एलिवेटेड रैपिड मेट्रो अथवा आधुनिक मास ट्रांजिट कॉरिडोर विकसित करने की संभावनाओं के अध्ययन की मांग भी की गई है।
डॉ. शैलेश कुमार गिरि ने कहा कि सारण एक ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कृषि प्रधान क्षेत्र है, जहां बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक रेलवे लाइन विस्तार की स्थिति में बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता पड़ सकती है, जिससे छोटे एवं सीमांत किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन और आजीविका की रक्षा करते हुए विकास का मॉडल अपनाना आवश्यक है। एलिवेटेड रैपिड मेट्रो या आधुनिक मास ट्रांजिट सिस्टम कम भूमि उपयोग के साथ बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का प्रभावी विकल्प बन सकता है।
यूनियन का दावा है कि प्रस्तावित कॉरिडोर से किसानों की कृषि भूमि पर अधिग्रहण का दबाव कम होगा, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा तथा रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और मरीजों को भी बेहतर आवागमन सुविधा प्राप्त होगी।
भारतीय हलधर किसान यूनियन ने केंद्र एवं राज्य सरकार से दोनों प्रस्तावों पर प्रारंभिक सर्वेक्षण, तकनीकी व्यवहार्यता अध्ययन (फिजिबिलिटी स्टडी), विशेषज्ञों की राय तथा आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं शीघ्र शुरू करने की मांग की है, ताकि सारण क्षेत्र के विकास के लिए दीर्घकालिक और ठोस योजना तैयार की जा सके।
यूनियन ने उम्मीद जताई है कि सरकार किसानों, युवाओं और आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए इस जनहित प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करेगी।

