20 साल बाद मिला बिछड़ा बेटा: सोशल मीडिया बना मिलन का सेतु, पिता की आंखों से छलके खुशी के आंसू
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: महज सात साल की उम्र में रहस्यमय ढंग से लापता हुआ बालक करीब 20 साल बाद सोशल मीडिया की मदद से अपने परिवार से मिल गया। बेटे के साथ उसकी पत्नी और पोती को मोबाइल स्क्रीन पर देख पिता मुंद्रिका यादव फफक पड़े और भावुक होकर कहा कि ईश्वर की महिमा अपरंपार है। यह पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी कहानी जैसा प्रतीत होता है, लेकिन हकीकत में घटित इस घटना ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मऊ निवासी एवं मुंबई में बसे उद्योगपति द्रुपचन्द परमेश्वर साहनी को वर्षों पहले दिल्ली में एक युवक लावारिस अवस्था में मिला था। वे उसे अपने साथ मुंबई ले गए और अपनी फैक्ट्री में काम पर रख लिया। समय के साथ उन्होंने उसे परिवार का हिस्सा बना लिया और वर्ष 2023 में अपनी बहन से उसकी शादी भी करा दी। वर्तमान में उस युवक की एक पुत्री भी है।
युवक की याददाश्त में मांझी का रेलवे पुल और गांव के मंदिर में कथावाचक बिनोद पाठक द्वारा आयोजित कथा की स्मृति शेष थी। इन्हीं संकेतों के आधार पर द्रुपचन्द ने गूगल और सोशल मीडिया का सहारा लिया और मांझी क्षेत्र की पहचान की। इसके बाद फेसबुक के माध्यम से उत्सव पैलेस के संचालक बिबेक कुमार सिंह का संपर्क मिला, जिनकी मदद से युवक के परिजनों का पता चल सका।
सूचना मिलते ही पिता और परिजन उत्सव पैलेस पहुंचे, जहां 27 वर्षीय युवक से वीडियो कॉल पर बात करते हुए दोनों पक्षों की आंखें नम हो गईं। मांझी नगर पंचायत के दक्षिण टोला निवासी मुंद्रिका यादव के लिए अपने तीसरे बेटे से इस तरह पुनर्मिलन किसी चमत्कार से कम नहीं है। बेटे ने अपनी पत्नी और बेटी से भी वीडियो कॉल के जरिए पिता का परिचय कराया।
पिता मुंद्रिका यादव ने बेटे को ढूंढने में अहम भूमिका निभाने वाले बिबेक कुमार सिंह का आभार जताते हुए बेटे से सपरिवार घर लौटने की अपील की। इस खुशी के मौके पर पूरे गांव में जश्न का माहौल है और लोग इस अद्भुत मिलन को ईश्वर की कृपा मान रहे हैं।

