किसानों को मिला आधुनिक खेती का प्रशिक्षण, जलवायु अनुकूल तकनीकों पर जोर
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों को देखते हुए किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, माँझी द्वारा मढ़ौरा प्रखंड के अवारी गाँव में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को जलवायु अनुकूल खेती की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना और उन्हें बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खेती के लिए तैयार करना रहा।
कार्यक्रम में किसानों को गरमा फसलों की उन्नत खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें विशेष रूप से मूंग की सीधी बुवाई, उच्च क्यारी विधि से मक्के की खेती तथा गरमा सब्जियों के उत्पादन पर जोर दिया गया। कृषि विज्ञान केंद्र, माँझी के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चंदोला ने जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम की उपयोगिता, इसके लाभ और तकनीकी पहलुओं को सरल तरीके से समझाते हुए किसानों को आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सीड हब योजना के तहत दलहनी फसलों के उत्पादन की प्रक्रिया और उससे होने वाले लाभों की भी जानकारी दी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अवारी गाँव के अरुण कुमार सिंह, मीना अरुण, नागमनी प्रसाद, अनिल कुमार वर्मा, उदय सिन्हा, नागेंद्र तिवारी, अवधेश उपाध्याय, विजय उपाध्याय, संत लाल राम, सुरेश राम, पशुपति प्रसाद, जगदम्बा प्रसाद, प्रवीण कुमार, प्रदीप कुमार, बीरेंद्र प्रसाद, रमेश कुमार राम, अमरदीप कुमार वर्मा, सत्यनारायण प्रसाद, लालबहादुर प्रसाद और संजय कुमार सहित कुल 45 किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और नई तकनीकों को अपनाने की प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में बिहार सरकार के कृषि विभाग से किसान सलाहकार छट्ठू कुमार सिंह, सुमन कुमार तिवारी एवं अखिलेश कुमार राम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र, माँझी के टेक्निकल असिस्टेंट मनोज कुमार एवं तकनीकी सहायक अवनीश पांडेय ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। इस पहल से क्षेत्र के किसानों में आधुनिक और वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
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