अधिवक्ता के भाई की हत्या में दोषी को उम्रकैद, 25 हजार अर्थदंड
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय अनुराग कुमार त्रिपाठी ने रिविलगंज थाना कांड संख्या 189/16 के सत्र वाद संख्या 94/17 में हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए आरोपी भीम सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने उस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसे अदा नहीं करने पर अतिरिक्त छह माह की सजा भुगतनी होगी।
न्यायालय ने बताया कि रिविलगंज थाना क्षेत्र के सिरसिया निवासी भीम सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाया गया। वहीं, इसी मामले के एक अन्य आरोपी चुनमुन यादव दोषसिद्धि के दिन न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ, जिसके बाद न्यायालय ने उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक के माध्यम से कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया था, लेकिन अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
मामले की जानकारी के अनुसार, मृतक विजय कुमार सिंह उर्फ उदय कुमार सिंह के पुत्र राहुल कुमार सिंह, निवासी नचाप गांव (मांझी), ने 4 अक्टूबर 2016 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में बताया गया था कि उनके पिता पेट्रोल पंप से काम कर लौटते समय रास्ते में एक लाइन होटल पर खाना खाने के लिए रुके थे, जहां कुछ अपराधियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उन्हें इलाज के लिए मांझी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से पटना रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने अदालत में मजबूत पक्ष रखा और चिकित्सक व अनुसंधानकर्ता सहित कुल पांच गवाहों की गवाही कराई गई। पुलिस ने 25 जनवरी 2017 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सतीश राय एवं सूचक पक्ष की ओर से मृतक के छोटे भाई अधिवक्ता विनय कुमार सिंह ने अपना पक्ष रखा।

