बिहार में जदयू को मिला पहली बार उपमुख्यमंत्री -
1982 में पहली बार कांग्रेस विधायक के रूप में विधानसभा पहुंचने वाले विजय कुमार चौधरी ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ
✍️धर्मेंद्र रस्तोगी
पटना, 16 अप्रैल 2026
बिहार के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र से विधायक और जदयू कोटे से जल संसाधन मंत्री रहे विजय कुमार चौधरी को बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही प्रदेश की सियासत में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। नीतीश कुमार के करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माने जाने वाले विजय कुमार चौधरी लंबे समय से पार्टी और सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। भूमिहार समाज से आने वाले चौधरी अपनी सादगी, प्रशासनिक समझ और संतुलित नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। शायद यही कारण है कि उन्हें मुख्यमंत्री का विश्वास प्राप्त है, जिस कारण उन्हें उपमुख्यमंत्री जैसे अहम पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उपमुख्यमंत्री बनने की खबर से उनके विधानसभा क्षेत्र और समस्तीपुर जिले सहित पूरे बिहार में खुशी की लहर दौड़ गई है। समर्थकों और शुभचिंतकों द्वारा उन्हें लगातार बधाइयां दी जा रही हैं। उनके निवास और क्षेत्र में जश्न का माहौल है, जहां लोगों का तांता लगा हुआ है।
विजय कुमार चौधरी का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प और प्रेरणादायक रहा है। राजनीति में आने से पहले वह भारतीय स्टेट बैंक में अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। हालांकि उनके पिता भी विधायक रह चुके थे, जिनके निधन के बाद उन्होंने वर्ष 1982 में दलसिंहसराय विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर उपचुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद वर्ष 1985 से 1990 तक उन्होंने कांग्रेस विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। वर्ष 2005 में उन्होंने जदयू का दामन थामा और तब से लगातार पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। उन्होंने शिक्षा, वित्त, वाणिज्य कर जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके है। साथ ही वह बिहार विधानसभा के अध्यक्ष पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां उनके कार्यकाल को निष्पक्ष और अनुशासित माना जाता है।
वर्तमान में वह जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे और अब उपमुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। उनके अनुभव और प्रशासनिक कौशल से सरकार को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

