जलवायु अनुकूल कृषि पर कृषक प्रशिक्षण, 70 किसानों ने लिया भाग
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी द्वारा शनिवार को मढ़ौरा प्रखंड के अवारी गांव में जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को गरमा फसलों, विशेषकर मूंग की सीधी बुवाई तथा गरमा सब्जियों की उन्नत खेती के बारे में जानकारी देना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. संजय कुमार राय ने जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के महत्व और इसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को गरमा सब्जियों की उन्नत खेती के तरीके भी बताए।
वहीं उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चंदोला ने जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों जैसे गरमा मूंग की सीधी बुआई, इसकी उत्पादन तकनीक, प्राकृतिक खेती, पोषण वाटिका तथा सीड हब योजना के तहत दलहनी फसलों के उत्पादन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी डॉ. कुमार ऋषि रंजन तथा प्रखंड कृषि पदाधिकारी सरोज कुमार ने भी किसानों को जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के उद्देश्यों और जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों के बारे में बताया। उन्होंने किसानों को नई तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मोहम्मद अरमान, कृष्णा प्रसाद, मनोरंजन प्रसाद, तजमुल हुसैन, अनिल कुमार वर्मा, अजीत कुमार, रेमी लाल साह, जजमूल हुसैन, तैयब हुसैन, लालबहादुर राम, शाहजहां बेगम, ऐनुल खातून, मनी देवी, गीता देवी सहित कुल 70 किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और नई तकनीकों को अपनाने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम को सफल बनाने में कृषि विभाग के कृषि समन्वयक निलेश कुमार तथा कृषि विज्ञान केंद्र के टेक्निकल असिस्टेंट मनोज कुमार और तकनीकी सहायक अवनीश पांडेय का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

