शांतिपूर्ण माहौल में मनाई गई होली, परंपरा और फगुआ गीतों से गूंजा इलाका
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: माँझी प्रखंड क्षेत्र में बुधवार को होली का पर्व छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। सुबह से ही गांवों में उत्साही युवकों ने रंग-अबीर के साथ पारंपरिक अंदाज में गोबर और मिट्टी का घोल एक-दूसरे पर उड़ेलकर होली का आनंद लिया। कई स्थानों पर पारंपरिक ‘कुर्ताफाड़ होली’ का दृश्य भी देखने को मिला, जिसने ग्रामीण परिवेश की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत की। हालांकि हुड़दंग की आशंका के मद्देनजर अधिकांश लोग दिनभर अपने-अपने घरों में ही रहे और शाम ढलते ही बाहर निकलकर अबीर-गुलाल लगाते हुए एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।
होली के अवसर पर खासकर खस्सी की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ी, जबकि मुर्गा और मछली की दुकानों पर अपेक्षाकृत कम ग्राहक देखे गए। प्रशासन के सख्त निर्देशों के बावजूद कई स्थानों पर दुकानदार खुले में मांस काटकर बेचते नजर आए। दूसरी ओर फल और मिठाई की दुकानों पर खरीदारों की संख्या काफी कम रही। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरे दिन थाना क्षेत्र के ताजपुर, घोराहट, डूमाईगढ़, सलेमपुर, मटियार आदि विभिन्न चौक चौराहों पर सक्रिय रहा और लगातार गश्ती अभियान चलाया गया, जिससे आमजन संतुष्ट दिखे।
उधर माँझी नगर पंचायत के बहोरन सिंह के टोला गांव में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पारंपरिक होली गाकर स्व. ब्यास सुखदेव सिंह एवं स्व. सीताराम सिंह को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। ग्रामीणों ने एकत्रित होकर श्री राम लक्ष्मण जानकी मंदिर, माँझी चट्टी स्थित हनुमान मंदिर, रामेश्वरम महादेव मंदिर, स्थानीय काली माता मंदिर तथा शिव मंदिर में पारंपरिक फगुआ गीत प्रस्तुत किए। देर रात सरयू नदी के तट पर चैता गाकर कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया।
वहीं ताजपुर में प्रो. जनार्दन सिंह, योगेंद्र सिंह और राम बहादुर यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने ढोल-मजीरा के साथ गांव में घूम-घूमकर पारंपरिक फगुआ को जीवंत बनाए रखा। इस अवसर पर शिक्षक बी.के. भारतीय ने कहा कि समाज के सम्मानित जनों द्वारा परंपराओं को जीवित रखना ही सांस्कृतिक विरासत की असली पहचान है। उन्होंने कहा कि होली का मूल संदेश भेदभाव मिटाकर एक-दूसरे को गले लगाने और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का है, और यही इस पर्व की सार्थकता भी है।

