एकमा में टीबी मरीजों के बीच पोषण पोटली का वितरण, पंचायतों की भागीदारी पर जोर
टीबी मुक्त भारत अभियान में पंचायतों की अहम भूमिका: डॉ अंजू सिंह
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एकमा प्रखंड मुख्यालय स्थित अलख नारायण सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में क्षय रोगियों के बीच पोषण पोटली का वितरण किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने टीबी उन्मूलन के लिए पंचायतों और समाज की सक्रिय भागीदारी को बेहद जरूरी बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ठाकुरबाड़ी महिला विकास कल्याण समिति की संस्थापिका डॉ. अंजू सिंह ने कहा कि जब तक पंचायत स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य पूरी तरह हासिल करना कठिन होगा। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों को आगे आकर मरीजों की मदद करनी होगी।
उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से टीबी उन्मूलन के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन समाज की भागीदारी के बिना यह अभियान अधूरा रहेगा। संस्था द्वारा इसी उद्देश्य से सारण जिले में लगातार जागरूकता अभियान और सहयोग का कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर एकमा स्थित यक्ष्मा विभाग के एसटीएस मनोज कुमार ने मरीजों को संबोधित करते हुए कहा कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है। उन्होंने मरीजों से नियमित रूप से दवा लेने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने की अपील की। साथ ही डीबीटी से संबंधित मरीजों के सवालों का जवाब देते हुए आश्वासन दिया कि संबंधित राशि जल्द ही उनके खातों में भेज दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से कार्यक्रम के दौरान 20 टीबी मरीजों के बीच पोषाहार का वितरण किया गया। इस दौरान मरीजों को टीबी के प्रति जागरूक करते हुए दवा का पूरा कोर्स करने और नियमित रूप से पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन मणि शाही ने किया। इस मौके पर संस्था के सदस्य, स्थानीय लोग तथा मरीजों के परिजन भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित मरीजों और अभिभावकों ने टीबी उन्मूलन अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने का संकल्प लिया।
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