सवर्जन दवा सेवन से वंचित लाभार्थियों को मॉप-अप राउंड के तहत खिलायी जा रही है दवा
• मॉप-अप राउंड की जिला से लेकर प्रखंड स्तर पर हो रही है मॉनिटरिंग
• अभियान के मॉनिटरिंग के लिए बनायी गयी है टीम
• दवा खाने से इनकार करने वालों को किया जा रहा है टारगेट
• फाइलेरिया रोधी दवा पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी
सारण (बिहार): सारण जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे सर्वजन दवा सेवन अभियान के बाद अब मॉप-अप राउंड पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इस चरण में अभियान की जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक सघन मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि दवा सेवन से वंचित या दवा खाने से इनकार करने वाले लोगों तक भी फाइलेरिया रोधी दवा पहुंचाई जा सके।
गौरतलब है कि जिले में 10 से 27 फरवरी तक सर्वजन दवा सेवन अभियान चलाया गया था। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं ने 14 दिनों तक घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाई, जबकि तीन दिनों तक विभिन्न स्थानों पर बूथ लगाकर भी दवा वितरण किया गया। इसके बावजूद कुछ लोग दवा सेवन से वंचित रह गए या उन्होंने दवा खाने से इनकार कर दिया था। ऐसे लाभार्थियों को चिन्हित कर अब मॉप-अप राउंड के तहत फिर से दवा खिलाने की प्रक्रिया जारी है।
अभियान की हो रही है प्रभावी मॉनिटरिंग
इस अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है। जिला पदाधिकारी स्वयं इस अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और नियमित रूप से इसकी प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी लगातार फील्ड में जाकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। जिला स्तर पर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार, जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार सुधीर कुमार और पीरामल संस्था के प्रोग्राम लीडर चंदन कुमार अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। ये अधिकारी नियमित रूप से विभिन्न प्रखंडों का दौरा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्यकर्मी चिन्हित लाभार्थियों तक पहुंचकर उन्हें दवा खिलाएं।
वहीं प्रखंड स्तर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, वेक्टर जनित रोग पर्यवेक्षक (VBDS) और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी अभियान की निगरानी में लगे हुए हैं। प्रखंड स्तर की टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं और आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की समीक्षा कर रही हैं। जिन क्षेत्रों में दवा सेवन का प्रतिशत कम पाया जा रहा है, वहां विशेष रणनीति के तहत लोगों को जागरूक कर दवा खिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
मॉप-अप राउंड के तहत आशा कार्यकर्ता उन घरों पर विशेष रूप से विजिट कर रही हैं, जहां लोग दवा खाने से वंचित रह गए थे या उन्होंने पहले दवा लेने से इनकार कर दिया था। ऐसे लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है और उन्हें दवा सेवन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
13 मार्च तक मॉप-अप राउंड
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में 13 मार्च तक मॉप-अप राउंड चलाया जाएगा। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रह जाए। अधिकारियों का कहना है कि अभियान की नियमित मॉनिटरिंग से दवा सेवन का प्रतिशत बढ़ाने में मदद मिल रही है।
फाइलेरिया रोधी दवा पूरी तरह सुरक्षित
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फाइलेरिया रोधी दवा पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। यह दवा शरीर में मौजूद फाइलेरिया के परजीवियों को खत्म करने में मदद करती है और बीमारी के प्रसार को रोकती है। इसलिए सभी पात्र लोगों को दवा अवश्य खानी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे अभियान में सहयोग करें और यदि अभी तक दवा नहीं खाई है तो मॉप-अप राउंड के दौरान आशा कार्यकर्ताओं से दवा लेकर उसका सेवन करें। विभाग का मानना है कि सघन मॉनिटरिंग और जनभागीदारी से ही फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

