महिला दिवस पर महिला कृषकों को मिला वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: सारण जिले के माँझी स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र माँझी सारण में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला कृषकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन केंद्र के प्रशिक्षण कक्ष में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कृषकों और युवतियों ने भाग लिया।
उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चन्द्र चन्दोला ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की महत्ता बताते हुए उन्हें पोषण वाटिका के माध्यम से पूरे वर्ष सब्जी उत्पादन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि घर के आसपास पोषण वाटिका विकसित कर महिलाएं परिवार के पोषण के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी प्राप्त कर सकती हैं।
कार्यक्रम में डॉ. सुषमा टम्टा ने महिलाओं और युवतियों को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवतियों को शिक्षा प्राप्त कर अपने-अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अंतर्गत गरमा मूंग की सीधी बुआई जैसी तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
वहीं डॉ. विजय कुमार ने मिट्टी जांच के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वैज्ञानिक खेती के लिए मिट्टी परीक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने औषधीय पौधों की खेती के बारे में भी महिलाओं को विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान महिला प्रतिभागियों में से खुशी कुमारी, छाया कुमारी, डिम्पल कुमारी, सोनम कुमारी और तेतरी कुंवर ने भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में सारण जिले के माँझी और रिवीलगंज प्रखंडों से आई लगभग 45 महिलाओं और युवतियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कृषि विज्ञान केंद्र माँझी के अवनीश कुमार पाण्डेय एवं संतोष कुमार सहित अन्य कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजकों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिलती है और वे कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ती हैं।

