विश्व हिंदी परिषद (पश्चिम बंगाल इकाई) ने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर संगोष्ठी व आलेख प्रतियोगिता का आयोजन किया
कोलकाता (पश्चिम बंगाल): 21 फरवरी 2026
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर विश्व हिंदी परिषद की पश्चिम बंगाल इकाई द्वारा विद्यार्थियों में मातृभाषा के प्रति सम्मान और आत्मीयता की भावना विकसित करने हेतु संगोष्ठी एवं आलेख लेखन-वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। देश के विभिन्न राज्यों के लगभग 70 से अधिक विद्यालयों के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रारंभिक चयन प्रक्रिया के उपरांत छह उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मुख्य कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देने का अवसर प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पश्चिम बंगाल शैक्षणिक प्रकोष्ठ की अध्यक्षा श्वेता गुप्ता ‘श्वेतांबरी’ के स्वागत वक्तव्य से हुआ। संचालन सीमा शर्मा (महामंत्री, शैक्षणिक प्रकोष्ठ, विश्व हिंदी परिषद, पश्चिम बंगाल इकाई) ने किया। कोलकाता की सुप्रसिद्ध कवयित्री रचना सरन ने मातृभाषा पर आधारित भावपूर्ण गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावविभोर कर दिया। प्रणति ठाकुर (उपाध्यक्ष, शैक्षणिक प्रकोष्ठ) ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
विशेष संबोधन बाबा साहेब अंबेडकर शिक्षा विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल की कुलपति प्रो. डॉ. सोमा बंधोपाध्याय ने दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. नम्रता प्रसाद (सहायक प्राध्यापिका, काज़ी नज़रुल विश्वविद्यालय, आसनसोल) ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रेशमी पांडा मुखर्जी (विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, गोखले मेमोरियल गर्ल्स कॉलेज, कोलकाता) तथा मुख्य अतिथि के रूप में शिवशंकर सिंह ‘सुमित’ (सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, लाजपत हिंदी हाई स्कूल, कोलकाता) उपस्थित रहे। निर्णायक मंडल ने निष्पक्षता एवं सूझबूझ के साथ प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया। इस आभासी मंच पर देश के विभिन्न प्रदेशों से 50 से अधिक श्रोताओं ने सहभागिता की।
प्रतियोगिता में बी.डी.एम. इंटरनेशनल स्कूल, कोलकाता की छात्रा अवनि ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। राजकीय कन्या विद्यालय, हरियाणा की छात्रा तनिष्का एवं सूर्योदय हाई स्कूल, कोलकाता की छात्रा श्रद्धांजलि दास ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान हासिल किया। स्टेपिंग स्टोन स्कूल, रिसड़ा (हुगली) के छात्र रोहित पाठक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर हिंदी विश्वविद्यालय, हावड़ा की प्राध्यापिका डॉ. रेखा कुमारी त्रिपाठी, हावड़ा की कवयित्री प्रिया श्रीवास्तव, मुंबई से डॉ. रश्मि वाषर्णेय तथा कवयित्री मीनू मदान की प्रेरक उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। निर्णायक मंडल में सीमा शर्मा, डॉ. शिप्रा मिश्रा, विनोद यादव सहित अन्य विशेषज्ञों ने सराहनीय भूमिका निभाई। यह आयोजन मातृभाषा के संरक्षण, संवर्धन और सम्मान के प्रति सामूहिक संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।

