माँ सरस्वती राष्ट्रीय काव्य मंच भारत पर ‘युवा मन का भटकाव’ विषय पर काव्य एवं विचार गोष्ठी आयोजित
नई दिल्ली: संवाददाता प्रेरणा बुड़ाकोटी: रविवार को सायं 5:00 बजे से 7:00 बजे तक माँ सरस्वती राष्ट्रीय काव्य मंच भारत के तत्वावधान में ‘युवा मन का भटकाव’ विषय पर काव्य गोष्ठी एवं विचार गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मंच के संस्थापक श्री महेश शर्मा द्वारा किया गया, जिसमें देशभर के साहित्यकारों ने सहभागिता कर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती मीरा सक्सेना ‘माध्वी’ (नई दिल्ली) ने की। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. ऋषिका वर्मा (गढ़वाल, उत्तराखंड) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अर्चना पाण्डेय (भिलाई-दुर्ग, छत्तीसगढ़) उपस्थित रहीं। मंच संचालन महेश प्रसाद शर्मा के साथ सुनंदा गावंडे (बुरहानपुर, मध्य प्रदेश) एवं अन्नपूर्णिमा (हापुड़, उत्तर प्रदेश) ने किया।
कार्यक्रम संयोजक के रूप में पटल सह-संस्थापक एवं अलंकरण कर्ता डॉ. रतिराम गढ़ेवाल (रायपुर, छत्तीसगढ़) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम प्रसारिका एवं मीडिया प्रभारी डॉ. प्रेरणा बुड़ाकोटी (दिल्ली) रहीं। कार्यक्रम संरक्षक आदरणीय श्री महेंद्र माणिक (पुणे, महाराष्ट्र), कार्यकारी अध्यक्ष ‘संस्था एक प्रयास भारत’ तथा कार्यक्रम सहयोगी श्री भारत भूषण वर्मा (असंध, करनाल, हरियाणा) सहित अनेक साहित्यकार उपस्थित रहे।
गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य युवाओं के मन में उत्पन्न हो रहे भटकाव के कारणों पर गंभीर मंथन करना तथा उससे उबरने के उपाय सुझाना था। उपस्थित साहित्यकारों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से युवा पीढ़ी को सही दिशा देने, सकारात्मक सोच विकसित करने और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने पर बल दिया। काव्य प्रस्तुतियों और विचार विमर्श के माध्यम से कार्यक्रम ने युवाओं के मार्गदर्शन हेतु सार्थक संदेश दिया।
यह आयोजन साहित्यिक संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी के समन्वय का प्रभावी उदाहरण सिद्ध हुआ।

