स्वर्णिम अतीत की यादों से सजा राजेंद्र कॉलेज का पूर्ववर्ती छात्र समागम
/// जगत दर्शन न्यूज
✍️ धर्मेंद्र रस्तोगी
छपरा, 26 फरवरी 2026
राजेंद्र कॉलेज, छपरा में पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न दशकों के पूर्व छात्र एक मंच पर एकत्र हुए। जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा की अभिभूत इकाई इस महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य स्वर्णिम अतीत की स्मृतियों को सहेजना, आपसी संवाद को सशक्त बनाना तथा संस्थान के विकास में पूर्व छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था। समारोह के दौरान पूर्व छात्रों ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा किए, जिससे पूरा वातावरण भावनात्मक और आत्मीय हो उठा।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उदय शंकर पाण्डेय ने स्वागत भाषण में कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की वास्तविक पहचान उसके पूर्ववर्ती छात्रों से होती है। उन्होंने राजेंद्र कॉलेज की गौरवशाली परंपरा और शैक्षणिक उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने में पूर्व छात्रों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया तथा संस्थान के सर्वांगीण विकास के लिए उनके सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सह सवर्ण आयोग के अध्यक्ष डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह ने महाविद्यालय को अपनी “जीवन की आधारशिला” बताते हुए कहा कि यह संस्थान उनके व्यक्तित्व निर्माण और संस्कारों का केंद्र रहा है। उन्होंने परिसर को आस्था का स्थल बताते हुए कहा कि यहां से उन्हें जनसेवा की प्रेरणा मिली। महाविद्यालय भवन की जर्जर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पटना उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की, जिसके बाद 83 करोड़ रुपये की स्वीकृति तथा राज्य कैबिनेट से 63 करोड़ रुपये के आवंटन का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने इसे अपनी मातृसंस्था के प्रति कर्तव्य निर्वहन बताया। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि उनके प्रयासों से विश्वविद्यालय को 267 एकड़ भूमि प्राप्त हुई, जहां व्यापक विस्तार कार्य चल रहा है और क्षेत्र एक बड़े शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कहा कि राजेंद्र कॉलेज ने समाज को अनेक प्रतिभाएं दी हैं, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों और युवा सशक्तिकरण पर बल देते हुए महाविद्यालय के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी और छात्र इस महाविद्यालय की आत्मा हैं और उनके साथ उनका संबंध परिवार जैसा है।
इस अवसर पर कॉलेज की पत्रिका ‘राका’, डॉ. संजय कुमार की पुस्तक तथा डॉ. नीलांबरी गुप्ता की पुस्तक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ऋचा मिश्रा ने किया, मंच व्यवस्था डॉ. ज्योति कुमारी एवं डॉ. बी.एस. साहू ने संभाली, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील प्रसाद ने किया। समारोह को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित करते हुए महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
