जख्म प्रतिवेदन नहीं भेजने पर थानाध्यक्ष को न्यायालय में तलब
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: जिला एवं सत्र न्यायाधीश एकादश अंबिका प्रसाद चौधरी की अदालत ने मसरख थाना कांड संख्या 539/25 से जुड़े अग्रिम जमानत वाद संख्या 198/26 की सुनवाई के दौरान थानाध्यक्ष के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने 9 मार्च को थानाध्यक्ष को स्वयं उपस्थित होकर जवाब देने का आदेश दिया है।
मामले में आरोपी द्वारा दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने केस डायरी एवं जख्म प्रतिवेदन (इंजरी रिपोर्ट) की मांग की थी। अनुसंधानकर्ता द्वारा केस डायरी तो न्यायालय में प्रस्तुत की गई, किंतु जख्मियों का जख्म प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया। न्यायालय द्वारा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद जब जख्म प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया, तब अदालत ने इसे गंभीरता से लिया।
न्यायाधीश ने आदेश दिया है कि संबंधित थानाध्यक्ष 9 मार्च को न्यायालय में उपस्थित होकर जख्म प्रतिवेदन प्रस्तुत करें तथा यह स्पष्ट करें कि अब तक प्रतिवेदन न्यायालय को क्यों नहीं भेजा गया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक जितेंद्र कुमार सिंह ने सरकार का पक्ष रखा। अदालत के इस निर्देश को न्यायिक प्रक्रिया में लापरवाही के प्रति सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

