बिहार: बीस साल बाद हत्या के चार दोषी सगे भाइयों को आजीवन कारावास, 25-25 हजार रुपये अर्थदंड
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वादश अंजनी कुमार गोड़ की अदालत ने वर्ष 2007 के मढ़ौरा थाना कांड संख्या 28/2007 से संबंधित सत्र वाद संख्या 600/27 में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने भोथहा (मढ़ौरा) निवासी रविंद्र सिंह, गुड्डू सिंह, विजय सिंह और सुभाष सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/149 के तहत दोषी पाते हुए उम्रकैद के साथ-साथ प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद अदालत ने यह निर्णय सुनाया। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक विमल चंद्र सिंह एवं उनके सहयोगी ओम प्रकाश राय ने सरकार का पक्ष प्रभावी ढंग से रखा। मामले में चिकित्सक एवं अनुसंधानकर्ता सहित कुल छह गवाहों की गवाही न्यायालय में कराई गई थी। पुलिस ने 24 नवंबर 2007 को आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मढ़ौरा थाना क्षेत्र के भोथहा निवासी बालेंद्र सिंह ने 4 फरवरी 2007 को सदर अस्पताल, छपरा में अपना फर्द बयान दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि 3 फरवरी 2007 की संध्या लगभग 7 बजे वे अपने दरवाजे पर रामविचार सिंह और राजेश कुमार सिंह के साथ आग ताप रहे थे। इसी दौरान सभी आरोपी वहां पहुंचे और जान मारने की नीयत से लाठी, डंडा एवं चाकू से हमला कर दिया। हमले में रामविचार सिंह और राजेश कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर सुनकर ग्रामीणों के पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
घायलों को उपचार के लिए सदर अस्पताल, छपरा लाया गया, जहां चिकित्सकों ने रामविचार सिंह को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने अनुसंधान कर आरोप पत्र दाखिल किया और लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई।

