सारण में 9 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों का आज शुभारंभ, संसाधनों की कमी के बीच एक शिक्षक संभालेंगे प्राचार्य से क्लर्क तक की जिम्मेदारी
211 नवस्थापित डिग्री कॉलेजों का होगा एक साथ उद्घाटन, कई संस्थानों में बिना पर्याप्त स्टाफ और आधारभूत सुविधाओं के शुरू होगा पठन-पाठन
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सारण जिले के नौ नवस्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों का बुधवार को औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। उद्घाटन को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। सारण जिले के दरियापुर स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव करेंगे, जबकि मकेर में आयोजित कार्यक्रम में सारण के प्रभारी सचिव सह ग्रामीण विकास विभाग के सचिव पंकज कुमार शामिल होंगे। जिले के इसुआपुर, दरियापुर, एकमा, मशरक, मढ़ौरा, मकेर, तरैया, लहलादपुर और पानापुर प्रखंडों में एक साथ नए कॉलेजों की शुरुआत उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
हालांकि उद्घाटन से पहले ही इन कॉलेजों में संसाधनों की कमी को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। अधिकांश कॉलेजों में न तो पर्याप्त प्राध्यापकों की नियुक्ति हुई है और न ही लिपिक एवं चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है। कई संस्थानों में केवल एक शिक्षक के भरोसे पूरी प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था संचालित की जा रही है। ऐसे में वही शिक्षक प्रभारी प्राचार्य, अर्थपाल, कार्यालय प्रभारी, नामांकन प्रभारी और अन्य प्रशासनिक दायित्व भी निभा रहे हैं।
कॉलेज के कक्षों में ही उद्घाटन समारोह होगा आयोजित; जिला प्रशासन
उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सभी संबंधित अधिकारियों को पहले ही निर्देशित कर दिया है कि समारोह में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को आमंत्रित करने, कॉलेज परिसरों की साफ- सफाई, जल निकासी, शुद्ध पेयजल, शौचालय एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के साथ - साथ सभी कॉलेजों में नामपट्ट एवं साइनेज लगाने तथा फूलों और गुब्बारों से परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। प्रशासन के अनुसार उद्घाटन समारोह में राष्ट्रगीत, दीप प्रज्ज्वलन, राज्य गीत, जनप्रतिनिधियों के संबोधन और लाइव प्रसारण की व्यवस्था रहेगी। हालांकि इसके लिए प्रत्येक कॉलेज में दो से तीन टीवी, इंटरनेट और लैपटॉप के माध्यम से कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा। लेकिन सबसे खास बात यह है कि इसके लिए अलग से टेंट- पंडाल नहीं लगाया जाएगा, बल्कि कॉलेज के कक्षों में ही उद्घाटन समारोह आयोजित होगा। साथ ही उद्घाटन के पहले दिन से ही नियमित पठन- पाठन प्रारंभ कराने के निर्देश दिया गया हैं। ऐसे में आज होने वाला उद्घाटन समारोह जहां जिले के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक होगा, वहीं आने वाले दिनों में इन कॉलेजों में नियमित शिक्षण, प्रशासनिक व्यवस्था और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती साबित होगी।
पर्याप्त मानव संसाधन और आधारभूत व्यवस्था के अभाव में शुरू हुआ वर्ग संचालन;
इस बीच जयप्रकाश विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रभारी प्राचार्यों द्वारा पदभार ग्रहण नहीं किए जाने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था लागू की है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ प्रमेंद्र रंजन पाण्डेय के निर्देश पर कुलसचिव प्रो. (डॉ.) नारायण दास द्वारा जारी आदेश के अनुसार संबंधित कॉलेजों में पहले से कार्यरत शिक्षक- सह- अर्थपाल को अगले आदेश तक प्रभारी प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। विश्वविद्यालय के अनुसार प्रभारी प्राचार्यों के योगदान नहीं देने से प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहा था, इसलिए अतिमहत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। सारण के नवस्थापित कॉलेजों में डॉ. रामानुज सिंह को लहलादपुर, डॉ. विकास रंजन को इसुआपुर, डॉ. विजय कुमार को मशरक, डॉ. दिनेश पाल को पानापुर तथा डॉ. विशाल कुमार सिंह को तरैया का प्रभार दिया गया है। इन शिक्षकों को अब शैक्षणिक गतिविधियों के साथ- साथ कॉलेज के प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों की भी जिम्मेदारी निभानी होगी। एक ओर सरकार नए कॉलेजों के माध्यम से उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ाने का दावा कर रही है, तो वहीं दूसरी ओर पर्याप्त मानव संसाधन और आधारभूत व्यवस्था के अभाव ने इन संस्थानों की कार्यप्रणाली को लेकर प्रश्न खड़ा हो गया हैं।

