बघौना दहा नदी पुल पर खुलेआम मांस बिक्री से बढ़ी गंदगी, श्रद्धालुओं ने कार्रवाई की उठाई मांग
सारण (बिहार) संवाददाता नितेश सिंह: सारण जिले के माँझी प्रखंड अंतर्गत महम्मदपुर बघौना तथा ताजपुर स्थित दहा नदी के पुल पर खुलेआम मांस की बिक्री से श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि मुर्गा और मछली के मांस विक्रेता दुकानदारी के बाद बचे अवशेष, विशेषकर मुर्गी के पंख और अन्य अपशिष्ट, सीधे दहा नदी में फेंक दे रहे हैं, जिससे जल प्रदूषण और आसपास गंदगी फैल रही है।
बताया जाता है कि पुल के समीप दहा नदी में बने घाट पर प्रतिदिन ग्रामीण एवं श्रद्धालु स्नान करते हैं, लेकिन मांस के अवशेष नदी में डाले जाने से वहां दुर्गंध और अस्वच्छ वातावरण व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र को प्रभावित कर रही है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा उत्पन्न कर रही है। घाट की पवित्रता और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की भी बात कही जा रही है।
स्थानीय निवासी धीरज गुप्ता ने बताया कि यह दहा नदी गोपालगंज के सासामुसा से निकलकर माँझी के ताजपुर फुलवरिया होते हुए आगे चलकर सरयू नदी में मिलती है। यह पुल सिसवन प्रखंड के मेहदार स्थित बाबा महेंद्र नाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख मार्ग है, जहां प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को पूर्वी क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आवागमन करते हैं।
रामबाबू पाण्डेय, धनंजय पाण्डेय और आजाद यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अविलंब संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था, घाट की गरिमा और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है।
इस संबंध में पूछे जाने पर बीडीओ उपेन्द्र दास ने बताया कि उन्हें पहले इस प्रकार की शिकायत की जानकारी नहीं थी। मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

