माँझी में दंगल का रोमांच, यूपी-बिहार के पहलवानों ने दिखाया दमखम
///जगत दर्शन न्यूज
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: सारण जिले के माँझी प्रखंड मुख्यालय के समीप स्थित स्व. ऋषि बाबा के बगीचे में बने अखाड़े पर मंगलवार को आयोजित भव्य दंगल प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे लगभग चार दर्जन पुरुष एवं महिला पहलवानों ने अपने-अपने दांव-पेंच का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों की भरपूर वाहवाही लूटी। दूर-दराज से आए हजारों दर्शकों की भीड़ अखाड़े के चारों ओर देर तक जमी रही और हर मुकाबले पर तालियों व जयकारों से माहौल गूंजता रहा।
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन माँझी नगर पंचायत की मुख्य पार्षद प्रतिनिधि विशाल कुमार उर्फ बिट्टू यादव ने ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच फीता काटकर किया। समारोह में उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि कृष्णा सिंह पहलवान, थानाध्यक्ष बिनोद कुमार, विधायक प्रतिनिधि उमाशंकर ओझा, हीरा यादव, सचिता बाबा, मयंक ओझा, शम्भू सिंह, परवेज आलम, नंदू यादव, श्रीभजन यादव, नीतीश ओझा, नागेन्द्र यादव, सुरेन्द्र यादव तथा राजा ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
दंगल में गोरखपुर के सुमित पहलवान ने बलिया के बलिराम पहलवान को पराजित किया, जबकि गोरखपुर के नासिर पहलवान ने बलिया के सुमित पहलवान को पटखनी दी। बलिया के छोटेलाल पहलवान ने गाजीपुर के विजेंद्र पहलवान को हराया तथा बलिया के अनीस पहलवान ने गाजीपुर के धर्मेंद्र पहलवान को चित किया। बलिया के सागर पहलवान ने बैरिया के मंतोष पहलवान को और बलिया के राहुल पहलवान ने मऊ के मनोहर पहलवान को शिकस्त दी। बलिया के गामा पहलवान ने सराय भारती के दुर्गेश पहलवान को पराजित किया। माँझी नगर पंचायत के मेजबान विजय पहलवान ने गाजीपुर के सौरभ पहलवान को पटखनी देकर स्थानीय दर्शकों का उत्साह दोगुना कर दिया। वहीं गाजीपुर के विशाल पहलवान ने बलिया के डब्लू पहलवान को तथा गाजीपुर के जयप्रकाश पहलवान ने बलिया के कल्लू पहलवान को पराजित किया।
महिला वर्ग में मऊ की शिवांगी पहलवान ने प्रयागराज की रोशनी पहलवान को तथा गाजीपुर की ब्यूटी सिंह ने गोरखपुर की मधु पहलवान को पटखनी देकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। दंगल का फाइनल मुकाबला नेशनल पहलवान गोरखपुर के जीतेन्द्र पहलवान और गाजीपुर के वीरू पहलवान के बीच हुआ, जिसमें जीतेन्द्र पहलवान विजयी रहे और खिताब अपने नाम किया।
मंच संचालन बलिया के संजय पहलवान तथा हरिवंश पहलवान ने किया। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के पारंपरिक दंगल ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं और क्षेत्र में कुश्ती की समृद्ध परंपरा को जीवंत बनाए रखते हैं।

