सलाखों के पीछे सेहत की सुरक्षा, फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को मिला नया बल
• छपरा जेल में बंद कैदियों को खिलायी गयी फाइलेरिया रोधी दवा
• तीन दिनों तक लगेगा कैंप
• जेल में कैदियों को दवा खिलाने के लिए पांच टीम गठित
• 1686 कैदियों को खिलायी जायेगी फाइलेरिया से बचाव की दवा
• पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी है फाइलेरिया से बचाव की दवा
सारण (बिहार): छपरा में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सर्वजन दवा सेवन अभियान को गति देते हुए जिला प्रशासन ने विशेष पहल की है। इसी क्रम में छपरा मंडल कारा में तीन दिवसीय विशेष कैंप लगाकर बंदियों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जा रही है। इस अभियान के तहत जेल में बंद कुल 1686 कैदियों को दवा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में 10 फरवरी से चल रहे सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम के अंतर्गत अब बूथ आधारित कैंपों के माध्यम से लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा दी जा रही है। इसी कड़ी में छपरा मंडल कारा परिसर में विशेष कैंप का आयोजन किया गया। इस मौके पर जेल प्रशासन के अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, सहयोगी संस्था पिरामल के प्रतिनिधि मौजूद थे। जिसमें जिला वेक्टर रोग सलाहकार सुधीर कुमार, वीडीसीओ सतीश कुमार, पिरामल के प्रोग्राम लीड चंदन कुमार, पीओ-सीडी पंकज कुमार समेत अन्य मौजूद थे।
जेल में बंद है1686 कैदी
जेल प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में कारा में कुल 1686 बंदी हैं, जिनमें 1603 पुरुष एवं 83 महिला कैदी शामिल हैं। सभी को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने की व्यवस्था की गई है।
तीन दिनों तक लगेगा कैंप, पांच टीम गठित
इस कार्य के सफल संचालन के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में दो-दो स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं, जो चिकित्सकीय निगरानी में कैदियों को दवा खिला रहे हैं। यह कैंप लगातार तीन दिनों तक संचालित किया जाएगा, ताकि कोई भी बंदी दवा सेवन से वंचित न रहे।
फाइलेरिया से बचाव की दवा पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी:
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ भूपेंद्र कुमार ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव की दवा पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। यह दवा शरीर में मौजूद परजीवी कृमियों को नष्ट कर बीमारी के प्रसार को रोकती है। दवा सेवन के बाद यदि किसी को हल्की प्रतिक्रिया होती भी है तो वह सामान्य और अस्थायी होती है। स्पष्ट किया है कि फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग तक दवा पहुंचाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से जेल जैसे संस्थानों में विशेष कैंप लगाकर बंदियों को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत दवा का सेवन अवश्य करें और इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें।

