माघ मेला स्नान को लेकर प्रयागराज में संतों के भव्य आगमन की तैयारी, महामंडलेश्वर देवेंद्र दास जी ने साझा की जानकारी
सिवान (बिहार): प्रयागराज में आयोजित होने वाले पावन माघ मेला स्नान की तैयारियां अब अपने भव्य स्वरूप में दिखाई देने लगी हैं। संगम की पवित्र धरती एक बार फिर संत, साधु और तपस्वियों की उपस्थिति से आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित होने जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को सिसवन प्रखंड स्थित साहेब बाबा धाम के पीठाधीश्वर एवं महामंडलेश्वर देवेंद्र दास जी महाराज ने माघ मेला स्नान को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
महामंडलेश्वर देवेंद्र दास जी महाराज ने बताया कि माघ मेला स्नान के अवसर पर तीर्थराज प्रयाग में देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले साधु-संतों के ठहरने हेतु व्यापक, सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण व्यवस्थाएं की जा रही हैं। संत समाज की परंपराओं, मर्यादाओं और साधना पद्धति को ध्यान में रखते हुए आवास, शांति और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि तपस्वीजन निर्विघ्न रूप से अपनी साधना और स्नान कर्म पूर्ण कर सकें।
उन्होंने कहा कि शाही स्नान के पावन अवसर पर सैकड़ों की संख्या में साधु-संत उनके नेतृत्व में प्रयागराज पहुंचेंगे। इन सभी संतों के लिए संगम क्षेत्र में ठहरने की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जा रहा है, जहां सात्विक, शुद्ध एवं पौष्टिक भोजन निरंतर उपलब्ध रहेगा। माघ मेला स्नान के दौरान संतों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
महामंडलेश्वर ने बताया कि प्रशासन और संत समाज के आपसी समन्वय से भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा, विश्राम स्थल और दैनिक आवश्यकताओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। स्नान के समय किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए मार्ग, समय-सारिणी और स्नान व्यवस्था को सुव्यवस्थित एवं अनुशासित ढंग से नियोजित किया गया है, जिससे श्रद्धालु और संत दोनों ही सहजता से माघी स्नान कर सकें।
इस अवसर पर महंत मुरारी दास, महंत कृष्णकांत दास, महंत दीप दास, महंत प्रहलाद दास त्यागी, महंत बालक दास, बृजेश दास, महंत अशोक दास, हाथी बाबा सहित अनेक वरिष्ठ साधु-संत उपस्थित रहे। सभी संतों ने एक स्वर में माघ मेला स्नान की इस दिव्य और प्राचीन परंपरा को और अधिक गरिमामय एवं आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

