सारण: नेपाल की जीत और मणिपुर का जलवा, महम्मदपुर में भव्य फुटबॉल प्रतियोगिता
खेल, संघर्ष और सम्मान का संगम, कीड़ा मैदान में खेल का उत्सव—महिला-पुरुष फुटबॉल मुकाबलों ने बांधा दर्शकों का मन
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: माँझी प्रखंड के महम्मदपुर स्थित कीड़ा मैदान रविवार को खेल और उत्साह के रंग में पूरी तरह डूबा नजर आया, जब न्यू प्रीस क्लब के तत्वावधान में एक दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। दूर-दराज़ से आई टीमों और हजारों दर्शकों की मौजूदगी ने इस आयोजन को महज एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक सामाजिक उत्सव का रूप दे दिया।
प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ माँझी थाना प्रभारी सह प्रशिक्षु डीएसपी देवा आशीष हंस ने फीता काटकर किया। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करते हुए खेल भावना, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ खेलने का संदेश दिया। उद्घाटन के साथ ही मैदान तालियों और नारों से गूंज उठा।
महिला वर्ग में बिहार और मणिपुर की टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया। दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन मणिपुर की महिला टीम ने शानदार तालमेल और आक्रामक रणनीति के दम पर बिहार की टीम को 3–1 से पराजित कर जीत अपने नाम की। इस मुकाबले ने महिला खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और खेल कौशल को दर्शकों के सामने मजबूती से रखा।
पुरुष वर्ग में भारत के लखनऊ की टीम और नेपाल की टीम के बीच कड़ा और बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। निर्धारित समय तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं, जिसके बाद निर्णय पेनल्टी शूटआउट से हुआ। अंततः नेपाल की टीम ने 3–2 से लखनऊ की टीम को पराजित कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
प्रतियोगिता के समापन अवसर पर महिला एवं पुरुष वर्ग की विजेता और उपविजेता टीमों को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही आयोजन में विशेष योगदान देने वाले दर्जनों लोगों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे खिलाड़ियों और आयोजकों का उत्साह और बढ़ गया।
इस मौके पर महम्मदपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सतेन्द्र उपाध्याय, योगेन्द्र यादव उर्फ भगत जी, पूर्व मुखिया शम्भू प्रसाद, श्यामू ओझा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। हजारों की संख्या में जुटे दर्शक और मैच कॉमेंटेटर बुधन तिवारी ने पूरे आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। कीड़ा मैदान में आयोजित यह प्रतियोगिता खेल के माध्यम से एकता, उत्साह और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई।

