सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जयराम राय ने वापस ली उम्मीदवारी, अब मैदान में बचे 18 प्रत्याशी
नाम वापसी के अंतिम दिन निर्दलीय प्रत्याशी ने लिया फैसला, 23 अक्टूबर को पांच जिलों के शिक्षक मतदाता करेंगे मतदान
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: बिहार विधान परिषद के 03-सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में नाम वापसी के अंतिम दिन चुनावी मुकाबले में एक प्रत्याशी कम हो गया। निर्दलीय उम्मीदवार जयराम राय ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। सहायक निर्वाची पदाधिकारी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रपत्र-6 जारी कर दिया गया है। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनाव मैदान में 18 प्रत्याशी बचे हैं।
नाम वापसी के बाद सभी की नजरें मैदान में बचे प्रत्याशियों और पांच जिलों के शिक्षक मतदाताओं को अपने पक्ष में गोलबंद करने की उनकी रणनीति पर टिकी हुई हैं। 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले जयराम राय का नाम वापस लेना चुनावी घटनाक्रम का अहम हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, उनके इस फैसले का दूसरे प्रत्याशियों के समर्थन और चुनावी समीकरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रत्याशी शिक्षक मतदाताओं तक पहुंचने और अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए प्रचार अभियान पर जोर देंगे।
पांच जिलों के शिक्षक मतदाता करेंगे मतदान
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनावी दायरा पांच जिलों में फैला हुआ है। इसमें सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
इस सीट पर विभिन्न दलों के समर्थित प्रत्याशियों के साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में प्रत्याशियों के बीच मुकाबले और चुनाव प्रचार की गतिविधियों पर सबकी नजर रहेगी। आने वाले दिनों में शिक्षक मतदाताओं तक पहुंचने और समर्थन जुटाने के लिए प्रचार अभियान में तेजी आने की संभावना है।
बिहार विधान परिषद के 03-सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान निर्धारित है। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों की अंतिम सूची के आधार पर मुकाबले की तस्वीर स्पष्ट होगी। पांच जिलों के शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे।

