मधेपुरा के लाल साकार यादव की पहल, कोसी के युवाओं को कराएंगे अमूल डेयरी का शैक्षणिक भ्रमण
डेयरी, कृषि और गौपालन में रुचि रखने वाले मधेपुरा, सहरसा व सुपौल के 20–25 युवाओं का होगा चयन, आधुनिक तकनीक और रोजगार के अवसरों से कराया जाएगा परिचित
मधेपुरा, 04 अक्टूबर 2026
कोसी क्षेत्र के बेरोजगार और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को डेयरी फार्मिंग, कृषि, पशुपालन एवं गौपालन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और व्यावहारिक जानकारी से जोड़ने के उद्देश्य से मधेपुरा के उद्योगपति साकार यादव ने एक विशेष पहल शुरू की है।
इस पहल के तहत मधेपुरा, सहरसा और सुपौल जिले के करीब 20 से 25 युवाओं का चयन किया जाएगा। इनमें पढ़े-लिखे युवा, किसान तथा डेयरी फार्मिंग और गौपालन के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। चयनित युवाओं को गुजरात के आनंद स्थित अमूल डेयरी एवं उससे जुड़े उत्पादन केंद्रों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा।
अमूल की आधुनिक डेयरी व्यवस्था को करीब से समझेंगे युवा
साकार यादव ने इस संबंध में अमूल के संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की है। बातचीत के दौरान कोसी क्षेत्र के युवाओं को अमूल की आधुनिक डेयरी व्यवस्था, उत्पादन प्रणाली और व्यवसायिक संभावनाओं से परिचित कराने की योजना सामने आई।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान युवाओं को दूध संग्रहण, प्रोसेसिंग, गुणवत्ता जांच, पैकेजिंग सहित दुग्ध उत्पाद तैयार करने की आधुनिक प्रक्रिया को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही दूध से दही, मक्खन, घी, मिल्क पाउडर, छाछ, चीज, पनीर, श्रीखंड, चॉकलेट और आइसक्रीम जैसे विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी जाएगी।
भ्रमण का खर्च साकार यादव उठाएंगे
इस शैक्षणिक भ्रमण का प्रायोजन साकार यादव द्वारा किया जाएगा। उनका उद्देश्य युवाओं को केवल डेयरी उद्योग दिखाना नहीं, बल्कि उन्हें इस क्षेत्र की व्यावहारिक जानकारी देकर अपने क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है।
भ्रमण के बाद युवाओं को अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में डेयरी फार्म, गौपालन, दुग्ध उत्पादन तथा दूध से बनने वाले मूल्यवर्धित उत्पादों से जुड़े छोटे-बड़े व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने की उम्मीद
साकार यादव की इस पहल का उद्देश्य कोसी क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक डेयरी तकनीक और व्यवसायिक संभावनाओं से जोड़ना है। इससे युवाओं को पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसरों की जानकारी मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर दुग्ध उत्पादन और डेयरी उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इस पहल को लेकर स्थानीय लोगों और युवाओं में खुशी देखी जा रही है। साकार यादव ने कहा कि डेयरी और पशुपालन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और सही प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सकता है। इससे क्षेत्र में स्वरोजगार बढ़ेगा और युवाओं को अपने ही इलाके में व्यवसाय खड़ा करने का अवसर मिलेगा।

