बिहार में बाढ़ नियंत्रण और गंडक नहर परियोजनाओं को गति देने की पहल, केंद्रीय मंत्री से मिले रूडी और संजय झा
सारण समेत बिहार में बाढ़ के प्रभाव को कम करने पर चर्चा, पर्यावरण संबंधी बाधाओं के समाधान और केंद्र-राज्य समन्वय से लंबित परियोजनाएं शुरू करने पर जोर
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026:
बिहार में बाढ़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने और लंबित सिंचाई परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के साथ सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी और जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद संजय झा ने महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में सारण समेत बिहार में बाढ़ के कारणों, भविष्य की चुनौतियों और दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन की जरूरतों पर चर्चा हुई।
बैठक में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, जलशक्ति मंत्रालय की सचिव अर्चना वर्मा, बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह तथा केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष अनुपम प्रसाद भी उपस्थित रहे।
ईस्टर्न और वेस्टर्न गंडक नहर परियोजनाओं पर जोर
बैठक के दौरान सांसद राजीव प्रताप रूडी ने ईस्टर्न और वेस्टर्न गंडक नहर परियोजनाओं सहित संबंधित सिंचाई योजनाओं को पुनः शुरू करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही पर्यावरण संबंधी बाधाओं का समाधान कर इन्हें आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
रूडी ने केंद्र और बिहार सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर लंबित परियोजनाओं को कार्यान्वित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में बाढ़ के प्रभाव को कम करने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए इन योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन जरूरी है।
दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन पर चर्चा
बैठक में बिहार में बार-बार आने वाली बाढ़ के कारणों और भविष्य में इसके प्रभाव को कम करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसी बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिले।
सांसद रूडी ने संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई व्यवस्था का विकास बिहार के व्यापक हित से जुड़ा है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर प्रभावी कदम उठाने होंगे।
बैठक में बड़ी परियोजनाओं में बिहार को प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई गई। परियोजनाओं को गति मिलने से बाढ़ के प्रभाव को कम करने, कृषि के लिए सिंचाई सुविधाएं बढ़ाने और किसानों की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

