सबडर्मल इम्प्लांट रिमूवल पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न
पीएमसीएच में 10 चिकित्सकों को दिया गया प्रशिक्षण, पटना के पांच अस्पतालों में उपलब्ध है सबडर्मल इम्प्लांट की सुविधा
पटना, 12 सितंबर 2026:
राज्य स्वास्थ्य समिति एवं पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के तत्वावधान में सबडर्मल इम्प्लांट रिमूवल को लेकर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शनिवार को समापन हुआ। 11 एवं 12 सितंबर को आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन पीएसआई इंडिया के सहयोग से किया गया।
कार्यशाला में कुल 10 चिकित्सकों को सबडर्मल इम्प्लांट निकालने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण राष्ट्रीय मास्टर ट्रेनर एवं पीएमसीएच के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. मीनू शरण तथा राज्य मास्टर ट्रेनर एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. के. मंजू ने दिया।
पांच संस्थानों के चिकित्सकों ने लिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण में पीएमसीएच के चार, नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के दो, गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल के दो, एम्स के एक तथा ईएसआईसी, बिहटा के एक चिकित्सक शामिल हुए।
कार्यशाला के समापन के बाद सभी प्रतिभागियों को पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह तथा मुख्य प्रशिक्षकों डॉ. मीनू शरण और डॉ. के. मंजू ने प्रमाणपत्र प्रदान किए।
पटना जिले में वर्तमान में पीएमसीएच, नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल, एम्स और ईएसआईसी बिहटा में सबडर्मल इम्प्लांट लगाने की सुविधा उपलब्ध है।
तीन साल तक गर्भधारण टालने में प्रभावी
सबडर्मल इम्प्लांट महिलाओं के लिए एक अस्थायी गर्भनिरोधक साधन है। यदि कोई महिला प्राथमिकता के आधार पर करीब तीन साल तक गर्भधारण में देरी करना चाहती है, तो यह एक प्रभावी विकल्प हो सकता है।
वहीं, इम्प्लांट हटाने के बाद महिला की प्रजनन क्षमता सामान्य रूप से जल्द वापस आ सकती है। यही विशेषता इसे कई अन्य अस्थायी गर्भनिरोधक साधनों से अलग बनाती है।
प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों के अलावा पीएसआई इंडिया की ओर से मोहम्मद मिराजउद्दीन अंसारी, ज्योति कुमारी, संजीव कुमार सिंह और मोहम्मद जीशान आसिफ मौजूद रहे।

