सारण तटबंध टूटा, दर्जनों गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, घर- मवेशी डूबे, गांवों में मची अफरातफरी
गंडक के तेज बहाव ने मकेर में तोड़ा तटबंध, बाघा कोल और हैजलपुर के पास टूटे हिस्से से तेजी से फैला पानी, खेत और निचले इलाके जलमग्न
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सारण में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर के बीच मकेर प्रखंड में तटबंध टूटने से बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है। बाघा कोल और हैजलपुर गांव के समीप तटबंध टूटते ही पानी का तेज बहाव दर्जनों गांवों में घुस गया है। देखते ही देखते गांवों के निचले हिस्से जलमग्न हो गए और कई घरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। खेतों में पानी भर गया, जबकि बड़ी संख्या में मवेशी भी पानी से घिर गए।
दरार बढ़ी और देखते ही देखते टूट गया तटबंध:
तटबंध टूटने के बाद गंडक का पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैल रहा है। जिन रास्तों से ग्रामीणों का रोजाना आवागमन होता था, वहां भी पानी जमा हो गया है। कई परिवारों के सामने घर का सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और मवेशियों को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। निचले इलाकों में पानी बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। मकेर प्रखंड के बाघा कोल और हैजलपुर गांव के समीप पानी के अत्यधिक दबाव के कारण तटबंध में पहले दरार पड़ी। फिर पानी का दबाव लगातार बढ़ता गया और दरार चौड़ी होती चली गई। कुछ ही देर में तटबंध का हिस्सा टूट गया और तेज बहाव के साथ पानी गांवों की ओर फैलने लगा।
प्रशासन की टीम मौके पर, युद्धस्तर पर मरम्मत:
तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार सहित कई वरीय अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया है। टूटे तटबंध को तत्काल दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है, ताकि पानी के बहाव को नियंत्रित किया जा सके और आसपास के दूसरे गांवों में पानी फैलने से रोका जा सके। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों और मवेशियों की सुरक्षा पर भी नजर रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
पहले से ही निगरानी में थे तटबंध:
नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से सारण में पहले से बाढ़ का खतरा बना हुआ था। जिला प्रशासन की ओर से तटबंधों की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी की जा रही थी। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार तटबंधों का निरीक्षण कर रहे थे। हालांकि, पानी के बढ़ते दबाव के आगे बाघा कोल और हैजलपुर के समीप तटबंध टिक नहीं सका। तटबंध टूटने के साथ ही इसका सीधा असर आसपास के दर्जनों गांवों पर पड़ा और बाढ़ का पानी आबादी तक पहुंच गया।

