न भादो देखा, न मुहूर्त... प्यार में पड़े तो मंदिर में भर दी मांग, परिजनों की सहमति से हुई शादी
दो साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग, 20 दिन पहले घर से फरार हुए थे दोनों; आखिरकार परिवार ने रिश्ते को दी मंजूरी
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: न भादो महीने की परवाह, न किसी शुभ मुहूर्त का इंतजार... प्यार हुआ तो दोनों ने साथ जीने-मरने का फैसला कर लिया। करीब दो साल से चल रहे प्रेम प्रसंग का आखिरकार सुखद अंजाम तब हुआ, जब दोनों परिवारों की सहमति से प्रेमी युगल ने मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी रचा ली। यह अनोखा विवाह इन दिनों इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मामला सारण जिले के दरियापुर प्रखंड अंतर्गत डेरनी थाना क्षेत्र के खानपुर बाजार स्थित दुर्गा मंदिर का है। शादी के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने नवविवाहित जोड़े को सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, डेरनी थाना क्षेत्र के खजौता गांव निवासी रणजीत शर्मा के पुत्र बादल कुमार का अपने ननिहाल मढ़ौरा थाना क्षेत्र के एक गांव में अक्सर आना-जाना होता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक युवती से हुई। शुरुआत में दोनों के बीच जान-पहचान हुई, जो धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई।
दो साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग
परिजनों के अनुसार, दोनों के बीच करीब दो वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। समय के साथ उनका रिश्ता इतना गहरा हो गया कि दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया।
करीब 20 दिन पहले दोनों अचानक अपने-अपने घरों से चले गए। युवक-युवती के इस कदम से दोनों परिवारों में हड़कंप मच गया। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। बाद में दोनों के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार वालों ने उन्हें समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन दोनों अपने फैसले पर अडिग रहे।
आखिरकार दोनों के प्रेम और आपसी सहमति को देखते हुए परिजनों ने भी रिश्ते को स्वीकार कर लिया और उनकी शादी कराने का निर्णय लिया।
दुर्गा मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लिए सात फेरे
इसके बाद दिघवारा-भेल्दी मुख्य पथ पर स्थित खानपुर बाजार के प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर में शादी की तैयारी की गई। दोनों परिवारों के सदस्य, रिश्तेदार और स्थानीय लोग मंदिर परिसर में जुटे।
वैदिक मंत्रोच्चार और हिंदू रीति-रिवाज के बीच बादल कुमार ने युवती की मांग में सिंदूर भरा और दोनों ने एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार कर लिया। विवाह संपन्न होने के बाद मौजूद लोगों ने नवदंपती को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया।
शादी के बाद दोनों रोजी-रोटी के सिलसिले में दूसरे प्रदेश के लिए रवाना हो गए। करीब दो वर्षों से चल रही प्रेम कहानी, घर से चले जाने और फिर परिवारों की सहमति तक पहुंचने के बाद आखिरकार विवाह के रूप में अपने मुकाम पर पहुंच गई।
परिवारों की स्वीकृति मिलने के बाद प्रेमी युगल ने सामाजिक रूप से अपने रिश्ते को नया नाम दिया और साथ जीवन शुरू करने के लिए आगे बढ़ गए।

