बिहार में अमीन संवर्ग की उपेक्षा से आक्रोश: 1 अक्टूबर से सांकेतिक विरोध, 6 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश का ऐलान
/// जगत दर्शन न्यूज
पटना, 28 सितंबर 2026:
बिहार में राजस्व अमीन संवर्ग की लंबित मांगों पर विभागीय उदासीनता के विरोध में बिहार राजस्व अमीन संघ ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। संघ ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में चरणबद्ध आंदोलन के तहत विरोध कार्यक्रमों की घोषणा की है। संघ का कहना है कि 15 मई 2026 को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव के साथ हुई वार्ता में कई बिंदुओं पर सहमति बनी थी, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अमीन संवर्ग की प्रमुख 9 सूत्री मांगें:
* अमीन संवर्ग में प्रोन्नति (पदोन्नति) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
* सम्मानजनक वेतनमान एवं वेतन पुनर्गठन संबंधी मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।
* अमीन पद का पदनाम परिवर्तन एवं संवर्ग के सुदृढ़ीकरण की कार्रवाई की जाए।
* सेवा संपुष्टि एवं लंबित सेवा संबंधी मामलों का शीघ्र निपटारा हो।
* यात्रा भत्ता (TA) एवं क्षेत्रीय कार्य से संबंधित सुविधाएं दी जाएं।
* गृह जिला से दूर पदस्थापित अमीनों के स्थानांतरण संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाए।
* कार्य की प्रकृति के अनुरूप आवश्यक संसाधन एवं कार्य-सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
* कार्य के दौरान सुरक्षा, विवाद और अन्य व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था हो।
* पूर्व में हुई वार्ता के अनुसार सहमत अन्य सभी मांगों पर भी समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
चरणबद्ध आंदोलन का शेड्यूल:
यदि विभागीय स्तर पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तो संघ लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से निम्नलिखित विरोध प्रदर्शन करेगा:
* 01 से 03 अक्टूबर 2026: राज्यभर के राजस्व अमीन काला बिल्ला लगाकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे।
* 05 अक्टूबर 2026: राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
* 06 अक्टूबर 2026 से: यदि समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो अमीन अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे।
संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि सीमांकन, नापी, अतिक्रमण जांच जैसे संवेदनशील कार्य अमीन प्रतिकूल परिस्थितियों में भी करते हैं, लेकिन उनकी बुनियादी मांगों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। ऐसे में सरकार को जल्द सकारात्मक फैसला लेना चाहिए।
