आत्मा शासी परिषद की बैठक में कृषि नवाचार और किसानों के क्षमता विकास पर जोर, जिलाधिकारी ने दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश
छपरा, 07 अगस्त 2026
सारण के जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) की शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना निदेशक आत्मा सहित शासी परिषद के सभी सदस्यों ने भाग लिया। बैठक के दौरान किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत कृषि पद्धतियों और विभागीय योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने के लिए विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक की शुरुआत में जिला पदाधिकारी ने गत वर्ष के भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों तथा उनकी उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि आत्मा के माध्यम से आयोजित सभी प्रशिक्षण एवं किसान परिभ्रमण कार्यक्रमों का नियमित आउटकम असेसमेंट किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद किसानों की आय, उत्पादन और तकनीकी दक्षता में आए बदलाव का विस्तृत मूल्यांकन कर प्रतिवेदन तैयार किया जाए, ताकि योजनाओं की वास्तविक उपयोगिता का आकलन किया जा सके।
जिलाधिकारी ने सामान्य फसलों से संबंधित प्रशिक्षण राज्य के उत्कृष्ट संस्थानों में तथा विशिष्ट एवं नवाचारी कृषि पद्धतियों से जुड़े प्रशिक्षण देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में आयोजित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने मशरूम उत्पादन के लिए हिमाचल प्रदेश, स्कैम्पी (मीठे पानी के झींगा) उत्पादन के लिए ओडिशा, पुष्प उत्पादन के लिए पश्चिम बंगाल तथा गव्य आधारित उत्पादों के प्रशिक्षण के लिए हरियाणा के संस्थानों को चिन्हित कर किसानों को प्रशिक्षित कराने पर बल दिया।
बैठक में हाइड्रोपोनिक्स, मोती उत्पादन और अलंकारी (ऑर्नामेंटल) मत्स्य पालन जैसी नवाचारी कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रगतिशील किसानों के खेतों पर समय-समय पर उच्च स्तरीय प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) आयोजित किए जाएं, ताकि अन्य किसान भी आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें। इसके लिए किसान प्रेरणा कार्यक्रम और अनुभव साझा करने वाले विशेष आयोजनों के संचालन का भी निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने प्रधानमंत्री द्वारा प्रगति (PRAGATI) पोर्टल के माध्यम से की जाने वाली समीक्षा का उल्लेख करते हुए जिले में एग्री-स्टैक के क्रियान्वयन, उपलब्धियों, नवाचारों एवं चुनौतियों पर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कृषि विभाग एवं आत्मा की सभी योजनाओं के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए किसानों को प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण और कृषि यंत्रीकरण के प्रति अधिकाधिक जागरूक करने की आवश्यकता बताई।
बैठक में आगामी कार्ययोजना पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कृषि विकास को गति देने तथा किसानों के हित में योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

