सियार के हमले के 17 दिन बाद दो की मौत, सारण में दहशत; दो दर्जन घायल अब भी निगरानी में
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र के कोंध भगवानपुर तथा सीमावर्ती तरैया प्रखंड के चांदपुरा गांव में 12 जुलाई को हुए सियार के हमले में घायल एक महिला और एक मासूम बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो जाने से पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। इस घटना के बाद सियार के हमले में घायल अन्य लोगों और उनके परिजनों की चिंता भी बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, 12 जुलाई को एक उग्र एवं कथित रूप से पागल सियार ने दोनों गांवों में अचानक लोगों पर हमला कर दिया था। इस हमले में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित करीब दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। सभी घायलों का प्राथमिक उपचार स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में कराया गया था तथा चिकित्सकों की सलाह पर एंटी-रेबीज वैक्सीन और आवश्यक दवाएं भी दी गई थीं।
इसी बीच सोमवार की रात कोंध भगवानपुर निवासी गेना दास की 36 वर्षीय पत्नी प्रभावती देवी तथा चांदपुरा निवासी जाकिर अली के पांच वर्षीय पुत्र सोहैल की तबीयत अचानक गंभीर हो गई। परिजन दोनों को तत्काल छपरा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया।
पटना में इलाज के दौरान मंगलवार देर रात प्रभावती देवी की मौत हो गई, जबकि बुधवार शाम मासूम सोहैल ने भी दम तोड़ दिया। एक ही घटना से जुड़े दो लोगों की मौत की खबर मिलते ही दोनों गांवों में मातम छा गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में भय का वातावरण व्याप्त है।
इधर, सियार के हमले में घायल अन्य करीब दो दर्जन लोग भी अपनी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंतित हैं और लगातार चिकित्सकीय निगरानी में हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से सभी घायलों की विशेष मेडिकल मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा वन विभाग से क्षेत्र में अभियान चलाकर जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नियंत्रण करने की मांग की है।
सारण सियार हमला, पानापुर सियार अटैक, तरैया चांदपुरा, कोंध भगवानपुर, प्रभावती देवी मौत, सोहैल मौत, छपरा न्यूज, बिहार समाचार, सियार के काटने से मौत, एंटी रेबीज वैक्सीन

