सारण में डेंगू के सिर्फ 8 मरीज, फिर भी हाई अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग; फॉगिंग, जांच और विशेष वार्ड की पूरी व्यवस्था
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: बरसात के मौसम में डेंगू के संभावित खतरे को देखते हुए सारण जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। राहत की बात यह है कि वर्ष 2026 में अब तक जिले में डेंगू के केवल 8 मरीजों की ही पुष्टि हुई है। इसके बावजूद जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर संक्रमण की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर बचाव एवं नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में नगर निगम तथा ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित फॉगिंग कराई जा रही है। साथ ही सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच किट, दवाइयों और उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों (एमओआईसी) एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों (बीएचएम) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में शत-प्रतिशत फॉगिंग, संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच तथा समय पर उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि डेंगू से घबराने के बजाय सतर्क रहें और अपने घरों के आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी (डीवीबीडीसीओ) डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि बरसात के मौसम में डेंगू फैलने की आशंका अधिक रहती है। इसलिए जागरूकता और समय पर बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी अस्पतालों में डेंगू की जांच और इलाज की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है तथा अलग से डेंगू वार्ड भी बनाए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग कर मच्छरों की संख्या नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।
डीवीबीडीसी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि डेंगू मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो साफ पानी में पनपता है। इसलिए घरों की छत, कूलर, गमले, टायर, पानी की टंकियों और अन्य पात्रों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि डेंगू के दौरान प्लेटलेट्स तेजी से कम हो सकते हैं, इसलिए बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
वीडीसीओ सह जिला डेंगू नोडल पदाधिकारी सुमन कुमारी ने बताया कि सदर अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 10 बेड का विशेष वार्ड तैयार किया गया है। इसके अलावा जिले के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 5-5 बेड सुरक्षित रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन लोगों को किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में जिले में 883 डेंगू मरीज मिले थे। वर्ष 2024 में यह संख्या घटकर 213 रह गई, जबकि वर्ष 2025 में केवल 91 मरीज सामने आए। वर्ष 2026 में अब तक मात्र 8 मरीजों की पुष्टि हुई है। विभाग के अनुसार सभी मरीज मूल रूप से सारण जिले के निवासी हैं, लेकिन संक्रमण दूसरे जिले अथवा राज्य में होने के बाद यहां इलाज के लिए पहुंचे हैं।
वर्तमान में सोनपुर और सदर प्रखंड में दो-दो तथा मकेर, जलालपुर, एकमा और दरियापुर में एक-एक मरीज उपचाराधीन हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सतर्कता, नियमित फॉगिंग, जनजागरूकता और त्वरित उपचार व्यवस्था के कारण जिले में डेंगू के मामलों में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या प्लेटलेट्स कम होने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराएं तथा मच्छरों से बचाव के सभी उपाय अपनाएं।
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