सदर अस्पताल को मिलेगा सुपर स्पेशियलिटी का स्वरूप, लेबर रूम और ओटी होंगे अत्याधुनिक
सारण (बिहार) संवाददाता केके सिंह सेंगर: जिले के सदर अस्पताल सहित राज्य के जिला एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसके तहत अस्पतालों के लेबर रूम तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों का गैप एनालिसिस कराया जाएगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से भारतीय जन स्वास्थ्य मानक (आईपीएचएस) के अनुरूप आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता का आकलन कर संसाधनों की कमी को दूर किया जाएगा।
राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय के अनुसार, यह पहल सात निश्चय-3 के तहत संचालित विकासात्मक एवं लोक कल्याणकारी कार्यक्रम का हिस्सा है। इसके अंतर्गत राज्य के सभी जिला (सदर) अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे जिला स्तर पर ही मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगी मजबूती
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। बेहतर मातृ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए लेबर रूम और प्रसूति ऑपरेशन थिएटर में आवश्यक चिकित्सा उपकरणों का उपलब्ध और कार्यशील रहना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से अस्पतालों में वर्तमान में उपलब्ध उपकरणों की स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा और वास्तविक जरूरत के अनुसार नए संसाधनों की पहचान की जाएगी।
बीईएमएमपी पोर्टल से होगी उपकरणों की निगरानी
सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा उपकरणों के प्रभावी प्रबंधन और निगरानी के लिए बीईएमएमपी पोर्टल पहले से संचालित है। पोर्टल पर अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों की बारकोड आधारित टैगिंग एवं मैपिंग की जाती है। इससे उपकरणों की उपलब्धता, कार्यशीलता, रखरखाव और उपयोग की नियमित निगरानी करने में सहायता मिलती है। गैप एनालिसिस की प्रक्रिया में पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी का भी उपयोग किया जाएगा।
आईपीएचएस मानकों के अनुरूप होगी उपकरणों की समीक्षा
राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश के अनुसार जिला एवं अनुमंडलीय अस्पतालों के लेबर रूम तथा ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी (मातृ) ऑपरेशन थिएटर में भारतीय जन स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। गैप एनालिसिस के दौरान अस्पतालों में उपलब्ध, खराब और नए आवश्यक उपकरणों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके आधार पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं में होगा सुधार
जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) अरविन्द कुमार ने कहा कि इस पहल से अस्पतालों में प्रसव सेवाएं अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता से जटिल प्रसव, स्त्री रोग संबंधी ऑपरेशन और नवजात शिशुओं की देखभाल की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है। इससे मरीजों को समयबद्ध और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने कहा कि गैप एनालिसिस के आधार पर सभी आवश्यक उपकरणों की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित होने पर जिला एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा सकेगा। साथ ही, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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