राजद में घमासान: हरेलाल यादव के निष्कासन पर भड़कीं रोहिणी आचार्या, पार्टी नेतृत्व पर उठाए सवाल
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में सारण के प्रवक्ता हरेलाल यादव को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस कार्रवाई के खिलाफ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पुत्री एवं सारण संसदीय क्षेत्र की पूर्व महागठबंधन प्रत्याशी रोहिणी आचार्या खुलकर सामने आ गई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी ही पार्टी के फैसले पर सवाल उठाते हुए संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी की है।
रोहिणी आचार्या ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यदि पार्टी की भलाई के लिए सच बोलने, ईमानदारी से काम करने और संगठन को मजबूत करने वाले कार्यकर्ताओं को ही बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा, तो यह चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सारण के प्रवक्ता हरेलाल यादव पर अनुशासनहीनता के झूठे आरोप लगाकर कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार कुछ ऐसे लोग संगठन पर हावी हैं, जो पार्टी को मजबूत करने के बजाय कमजोर कर रहे हैं और सक्रिय कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सारण जिला संगठन में ऐसे लोग प्रभावी भूमिका में हैं, जो चुनाव के दौरान भी पार्टी के हित में सक्रिय नहीं रहे। रोहिणी ने कहा कि जिले के कई विधायक और पदाधिकारी निष्क्रिय हैं, जबकि जनता के बीच लगातार काम करने वाले नेताओं पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पार्टी में रहकर गलत के खिलाफ अपनी आवाज उठाती रहेंगी और संगठन को कमजोर करने वाले तत्वों का विरोध जारी रखेंगी। उन्होंने लिखा कि वह लालू प्रसाद यादव की बेटी हैं और गलत के सामने कभी झुकने वाली नहीं हैं।
दूसरी ओर, राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के हस्ताक्षर से जारी कार्यालय आदेश में हरेलाल यादव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर पार्टी और उसके नेतृत्व के संबंध में अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसे दल विरोधी गतिविधि, अनुशासनहीनता तथा पार्टी की मर्यादा के विरुद्ध गंभीर कृत्य माना गया। पार्टी ने यह भी कहा कि उनके आचरण को देखते हुए स्पष्टीकरण मांगना आवश्यक नहीं समझा गया और तत्काल प्रभाव से निष्कासन का निर्णय लिया गया।
गौरतलब है कि हाल ही में विधान परिषद के लिए डॉ. सुनील कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद हरेलाल यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की। अब रोहिणी आचार्या की सार्वजनिक नाराजगी ने राजद के भीतर आंतरिक मतभेद की चर्चाओं को और तेज कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर संगठनात्मक राजनीति को प्रभावित कर सकता है।
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