पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की 19वीं पुण्यतिथि एवं जन्म शताब्दी पर श्रद्धांजलि सभा, भारत रत्न और प्रतिमा स्थापित करने की उठी मांग
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: समाजवाद के पुरोधा एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर की 19वीं पुण्यतिथि सह जन्म शताब्दी के अवसर पर सोमवार को छपरा स्थित क्षत्रिय छात्रावास परिसर में श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षत्रिय छात्रावास के अध्यक्ष एवं जदयू नेता कामेश्वर सिंह ने की। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय चंद्रशेखर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
मुख्य अतिथि महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने अपने कार्यकाल में देशहित में कई ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिए, जिन्हें देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर का सारण से विशेष लगाव रहा, क्योंकि वे महाराजगंज संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों द्वारा छपरा में उनकी प्रतिमा स्थापित करने और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग उठाई गई। इस पर सांसद ने कहा कि संस्था की ओर से प्रधानमंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को प्रस्ताव भेजा जाए, वे इस दिशा में हरसंभव प्रयास करेंगे।
सारण सांसद राजीव प्रताप रूडी ने आयोजकों से दूरभाष पर बातचीत करते हुए कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाने पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण वे उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन अगले वर्ष कार्यक्रम में शामिल होने का प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने क्षत्रिय छात्रावास के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को इस आयोजन के लिए बधाई दी।
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर जैसे महान नेता की स्मृति में छपरा के किसी प्रमुख चौक पर उनकी प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। सीपीएस के निदेशक डॉ. हरेन्द्र सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर राजनीति को सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सर्वोत्तम मार्ग मानते थे।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में चंद्रशेखर के व्यक्तित्व, राजनीतिक ईमानदारी, स्पष्टवादिता और राष्ट्रहित के प्रति उनके समर्पण को याद किया। रमाकांत सोलंकी ने कहा कि उनकी पहचान पद से नहीं, बल्कि उनके सिद्धांतों और चरित्र से थी। डॉ. राजीव कुमार सिंह ने उन्हें निर्भीक एवं राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाला नेता बताया। पूर्व प्राचार्य ओम सिंह ने कहा कि संसद में उनकी आवाज़ पूरे देश की जनता की आवाज़ होती थी।
डॉ. धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर ने कभी राजनीति को निजी लाभ का माध्यम नहीं बनाया। भाजपा नेता एवं प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि उनका मानना था कि सत्ता आती-जाती है, लेकिन चरित्र और विश्वास जीवनभर साथ रहते हैं। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राकेश सिंह ने कहा कि यही कारण है कि आज भी सभी राजनीतिक दलों के लोग उनका समान रूप से सम्मान करते हैं।
समाजसेवी जितेंद्र सिंह ने चंद्रशेखर की ऐतिहासिक भारत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भारत को गांवों, किसानों, युवाओं और आम लोगों के बीच जाकर समझने का प्रयास किया। जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष मुरारी सिंह ने कहा कि उन्हें चंद्रशेखर के साथ रहने का अवसर मिला था और वे वास्तव में जनता के नेता थे। भाजपा जिला मंत्री राजीव सिंह ने उनके प्रसिद्ध कथन— "मैं अपना बयान दिन में बार-बार नहीं बदलता"— का उल्लेख करते हुए इसे उनकी राजनीतिक ईमानदारी का प्रतीक बताया। पूर्व जिला परिषद सदस्य राजेंद्र सिंह ने कहा कि उनके लिए राष्ट्रहित हमेशा राजनीति से ऊपर रहा।
कार्यक्रम का संचालन भाजपा नेता अजीत सिंह ने किया। उन्होंने चंद्रशेखर के जीवन और राजनीतिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर प्रो. धनंजय सिंह, लोजपा नेता अरुण सिंह, कांग्रेस नेता अनिल सिंह, पूर्व जिला पार्षद पुरुषोत्तम सिंह गुड्डा, भाजपा जिला कोषाध्यक्ष अभय कुमार सिंह, जदयू नेता महेश सिंह, भाजपा जिला प्रवक्ता मदन कुमार सिंह, समाजसेवी केशरी सिंह, वीरेन्द्र सिंह, दिनेश सिंह, शैलेंद्र सिंह डिक, मनोज कुमार सिंह, अर्धेन्दु शेखर, विजय सिंह, पैक्स अध्यक्ष सुरेश सिंह, भाजपा सैनिक प्रकोष्ठ के अखिलेश सिंह, राष्ट्रीय कोच रमेश सिंह सहित सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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