भरत तिवारी केस: "बेटे की तस्वीर से लिपटकर छलके आंसू, न्याय का भरोसा देकर लौटा सारण का प्रतिनिधिमंडल"
मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए: सुधांशु रंजन
///जगत दर्शन न्यूज
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: बिहार पुलिस द्वारा मुठभेड़ में मारे गए भोजपुर आरा के बेटा भरत भूषण तिवारी के परिजनों से रविवार को छपरा से गए एक प्रतिनिधिमंडल ने भोजपुर जिले के बिलौटी गांव पहुंच कर परिजनों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें हर स्तर पर न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करने का भरोसा दिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले सारण जिला स्थानीय निकाय के पूर्व एमएलसी प्रत्याशी सुधांशु रंजन सहित अन्य सदस्यों द्वारा स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी के तैल चित्र पर पुष्पगुच्छ अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। उसके बाद दो मिनट का मौन रख कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई है। इस दौरान परिवार का दर्द देख कर उपस्थित लोग भावुक हो उठे। प्रतिनिधियों ने भरत के पिता काशी नाथ तिवारी एवं अन्य परिजनों से मिलकर उनका दुख साझा किया और कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भी घटना में निष्पक्ष जांच नहीं होती और निर्दोष व्यक्तियों के साथ अन्याय होता है, तो न्याय की मांग लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल तिवारी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पं. विजय मिश्रा तथा अन्य पदाधिकारियों ने भी परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि महासभा पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय की लड़ाई में हर संभव सहयोग करेगी। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व एमएलसी प्रत्याशी सुधांशु रंजन, प्रदेश उपाध्यक्ष अतुल तिवारी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पं. विजय मिश्रा, सारण के जिलाध्यक्ष विवेकानंद तिवारी, जिला कार्यकारी अध्यक्ष नंदकिशोर तिवारी, जिला महासचिव तारकेश्वर पांडेय, राजेश उपाध्याय, श्याम सुंदर मिश्रा, जिला प्रवक्ता सदानंद द्विज, सुधीरंजन दूबे, शिव शंकर ओझा, रमेश तिवारी, राकेश तिवारी, झुनझुन तिवारी, टुन्ना पाण्डेय, जितेंद्र मिश्रा, दुर्गा पंडित, दिगंबर, रविन्द्र पाण्डेय, अखिलेश्वर पाठक, राघवेन्द्र पराशर सहित बड़ी संख्या में महासभा के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

