सड़क हादसों पर सख्ती: कलेक्टर-एसपी ने दिए बड़े निर्देश, ब्लैक स्पॉट से लेकर फ्लाईओवर तक बनी कार्ययोजना
नरसिंहपुर (मध्यप्रदेश) संवाददाता राजकुमार दुबे: सड़क सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने तथा सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा ने की। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया, मुख्य कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग अरविंद किटहा, यातायात निरीक्षक ममता तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने जिले की सड़कों पर मौजूद गड्ढों एवं साइड शोल्डरों के तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यक साइन बोर्ड लगाने तथा सुरक्षा संबंधी अन्य उपाय सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही जिले में चिन्हित सभी ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में सुरक्षित एवं सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैहर तिराहा पर फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने तथा शहर में यातायात सुधार के लिए सर्विस लाइन (ले-बाय) विकसित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा ब्लैक स्पॉट्स पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, रिफ्लेक्टर, स्पीड लिमिट संकेतक बोर्ड और सड़क किनारे साइड शोल्डर विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।
गाडरवारा नगर में भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए। वहीं नरसिंहपुर के विपतपुरा अंडरपास में बड़े वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए हाईट बैरियर की ऊंचाई कम करने का निर्णय लिया गया, जिससे संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का मानना है कि इन उपायों के लागू होने से जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनेगी।

