मांझी में पशु तस्करी का खुलासा, जांच के दायरे में गौ रक्षक बताने वाले लोग
गोवंश लदी पिकअप पकड़ी गई, गौ रक्षक दल पर भी उठे सवाल
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: मांझी-छपरा मुख्य मार्ग पर धनी छपरा गांव के समीप गुरुवार की सुबह गोवंश लदे एक पिकअप वाहन को पकड़ने के दौरान एक नया विवाद खड़ा हो गया। सूचना के अनुसार बलिया से कार द्वारा पीछा करते हुए पहुंचे कथित गौ रक्षा दल के सदस्यों ने गोवंश लदी पिकअप को रोक लिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची मांझी थाना पुलिस ने पिकअप वाहन सहित सात गोवंशों को अपने कब्जे में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप का पीछा कर रहे लोगों ने एक कथित तस्कर को पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। पकड़े गए व्यक्ति की स्थानीय लोगों द्वारा जमकर पिटाई कर दी गई, जिससे वह घायल हो गया।
इसी दौरान मांझी थाना पुलिस के मौके पर पहुंचते ही खुद को गौ रक्षा दल का सदस्य बताने वाले लोग घायल व्यक्ति को अपनी कार में बैठाकर वहां से चले गए। इसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि घायल व्यक्ति को लेकर जाने वाले लोग वास्तव में गौ रक्षा दल के सदस्य थे या फिर किसी अन्य गिरोह से जुड़े लोग। पुलिस को संदेह है कि स्वयं को गौ रक्षक बताने वाले कुछ लोग कहीं पशु तस्करी से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं हैं।
मांझी थाना पुलिस ने बताया कि गोवंश लदी पिकअप और बरामद सातों पशुओं को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही फरार हुए अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

