वाहनों पर जातिसूचक शब्द लिखवाना पड़ा भारी, सिवान में 36 वाहनों से वसूला गया 1.37 लाख जुर्माना
सिवान (बिहार): वाहनों पर नंबर प्लेट या वाहन संख्या की जगह जातिसूचक शब्द लिखना अब वाहन मालिकों को महंगा पड़ सकता है। जिला परिवहन कार्यालय, सिवान द्वारा गुरुवार को चलाए गए विशेष जांच अभियान में ऐसे 36 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए कुल 1 लाख 37 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद वाहन चालकों और मालिकों में हड़कंप मच गया है।
जिला परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा पारित आदेश तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश के आलोक में वाहनों पर Caste Based Slogan लिखना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। इसी के तहत सिवान जिले में व्यापक जांच अभियान चलाया गया।
बताया गया कि Application U/S 482 No.-31545 of 2024, Praveen Chetri Vs. State of U.P. and another मामले में माननीय न्यायालय ने 16 सितंबर 2025 को आदेश पारित किया था। इसके बाद भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 12 जनवरी 2026 को पत्र जारी कर राज्यों को ऐसे मामलों में दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
राज्य सरकार ने मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा-177 एवं 179 के तहत इसे दंडनीय अपराध घोषित किया है। विभाग ने वाहन मालिकों को निर्देश दिया है कि आदेश जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर अपने वाहनों से जातिसूचक स्लोगन हटाना सुनिश्चित करें। निर्धारित अवधि के बाद उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला परिवहन कार्यालय के अनुसार यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि सड़क पर चलने वाले वाहनों पर किसी भी प्रकार के जातीय, भड़काऊ या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले शब्दों का प्रयोग कानूनन गलत है और इसके विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जाएगी।

