एकमा सीएचसी पर लापरवाही का आरोप, सड़क हादसे के घायल को समय पर इलाज नहीं मिलने से उठे सवाल
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: दाउदपुर थाना क्षेत्र के सोनिया पुल के समीप गुरुवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे के बाद एकमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को 112 की टीम आनन-फानन में इलाज के लिए एकमा सीएचसी लेकर पहुंची, लेकिन स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार घायल युवक काफी देर तक 112 वाहन में दर्द से तड़पता रहा, लेकिन अस्पताल का कोई डॉक्टर, नर्स या स्वास्थ्यकर्मी तत्काल उपचार के लिए बाहर नहीं आया। लोगों का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद चिकित्सक अपने कक्ष में थे, जबकि बाहर घायल जिंदगी और मौत से जूझ रहा था।
घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि अस्पताल पहुंचने के बाद भी मरीज को समय पर इलाज नहीं मिले, तो ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था का क्या औचित्य रह जाता है। लोगों ने सवाल उठाया कि क्या एकमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भगवान भरोसे चल रहा है और क्या यहां गरीब मरीजों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं रह गई है।
गौरतलब है कि एकमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहले भी कई बार लापरवाही, चिकित्सकों की अनुपस्थिति और बदहाल व्यवस्था को लेकर चर्चा में रहा है। हालांकि एकमा विधानसभा के जदयू विधायक मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह समय-समय पर अस्पताल का निरीक्षण करते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं हादसे में एक घायल की मौत के बाद यह सवाल और भी गंभीर हो गया है कि यदि समय पर इलाज मिलता, तो क्या उसकी जान बचाई जा सकती थी।
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को गंभीरता से लेकर ठोस कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा। फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

