फाइलेरिया मरीजों के लिए उम्मीद बना PSP, ट्राई-साइकिल और व्हीलचेयर से लौट रही जिंदगी की रफ्तार
सारण (बिहार): हाथीपांव यानी फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए अब राहत और उम्मीद की नई किरण दिखाई देने लगी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म (PSP) अब जरूरतमंद मरीजों के लिए बड़ा सहारा बनकर उभरा है। इस पहल के तहत अब तक जिले के 16 फाइलेरिया मरीजों को ट्राई-साइकिल और व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जा चुकी है, जिससे उनके जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लौटा है।
जिले के रिविलगंज और दिघवारा प्रखंड के पांच-पांच आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के नेतृत्व में पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म का गठन किया गया है। सितंबर 2024 में शुरू हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य फाइलेरिया एवं अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक कल्याण विभाग की योजनाओं से जोड़ना है।
इस प्लेटफार्म में स्वास्थ्य विभाग के अलावा पंचायत प्रतिनिधि, मुखिया, सरपंच, जीविका समूह, विकास मित्र, ग्रामीण चिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। यही वजह है कि यह पहल गांव-गांव में जागरूकता और सहयोग की मिसाल बनती जा रही है।
कार्यक्रम के शुरुआती प्रशिक्षण के दौरान यह सामने आया कि अधिकांश फाइलेरिया मरीजों को UDID कार्ड (यूनिक डिसेबिलिटी आईडी) तथा उससे मिलने वाली सरकारी सुविधाओं की जानकारी ही नहीं थी। कई मरीजों को यह भी पता नहीं था कि फाइलेरिया के कारण वे दिव्यांगता प्रमाणपत्र और सरकारी सहायता के पात्र हो सकते हैं।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर में CHO के नेतृत्व में विशेष प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें मरीजों और हितधारकों को सामाजिक कल्याण विभाग की योजनाओं, दिव्यांगता प्रमाणपत्र, UDID कार्ड तथा उससे मिलने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई।
जागरूकता के बाद बड़ी संख्या में पात्र मरीजों ने UDID कार्ड बनवाने की इच्छा जताई। स्थानीय मुखिया, PSP सदस्यों और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विशेष शिविर लगाए गए, जहां मरीजों के आय, आवासीय और जाति प्रमाणपत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार कराए गए। कई ऐसे मरीज भी सामने आए जो जानकारी के अभाव में सरकारी सुविधाओं से वंचित थे। उन्हें भी PSP से जोड़ा गया।
इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों के सहयोग से मरीजों की ग्रेडिंग की गई तथा उन्हें UDID कार्ड उपलब्ध कराया गया। फाइलेरिया की वजह से चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों के लिए बुनियाद केंद्र के माध्यम से ट्राई-साइकिल और व्हीलचेयर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
अब तक कचनार, मुबारकपुर, भादपा, वीरम परसा, रामपुर, रामपुर सरिसिया, मोहब्बत परसा और खैरवार पंचायत समेत विभिन्न क्षेत्रों के 16 मरीजों को ट्राई-साइकिल और व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जा चुकी है। इससे मरीजों को अपने दैनिक कार्य करने में काफी सहूलियत मिल रही है।
रिविलगंज प्रखंड के कचनार पंचायत निवासी वीरेश साह एवं फाइलेरिया मरीज रुकमिणा देवी ने बताया कि पहले बीमारी की वजह से चलने-फिरने में काफी परेशानी होती थी और हर काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। PSP और स्वास्थ्य विभाग की मदद से UDID कार्ड बनने तथा ट्राई-साइकिल मिलने के बाद अब वे कई कार्य स्वयं कर पा रहे हैं। इससे उनके जीवन में नई उम्मीद जगी है।
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि PSP के माध्यम से जरूरतमंद फाइलेरिया मरीजों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।

