गरीब परिवार के लिए मददगार बने लोग, सहयोग से गिरवी घर हुआ मुक्त
मांझी-एकमा के संवेदनशील लोगों ने जुटाए 1.65 लाख रुपये, बेटे की मौत के बाद परिवार को दी बड़ी राहत
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: मांझी तथा एकमा क्षेत्र के संवेदनशील एवं जागरूक लोगों ने मानवता और सामाजिक सहयोग की अनूठी मिसाल पेश करते हुए बरेजा पंचायत के एक गरीब ब्राम्हण परिवार की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। लोगों ने आपसी सहयोग से एक लाख 65 हजार रुपये नकद जुटाकर परिवार के गिरवी रखे घर को बंधन मुक्त कराया। इस भावुक पल के दौरान क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
बताया जाता है कि मांझी के बरेजा निवासी कामाख्या तिवारी के पुत्र शिवम कुमार तिवारी की 17 मई को महाराष्ट्र के 40 गांव स्टेशन के समीप ट्रेन से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई थी। शिवम मुंबई कमाने के लिए जा रहा था। घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि उसकी मां, जो लोगों के घरों में झाड़ू-पोंछा कर परिवार चलाती हैं, उन्होंने पड़ोसियों से 1500 रुपये कर्ज लेकर बेटे को यात्रा खर्च के लिए दिए थे।
शिवम की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया। इसी बीच मांझी और एकमा क्षेत्र के कई सामाजिक लोगों ने पहल करते हुए आर्थिक सहयोग अभियान चलाया और 1 लाख 65 हजार रुपये एकत्र कर परिवार के गिरवी रखे घर को छुड़ाया। इस दौरान बरेजा पंचायत के मुखिया राजेश पाण्डेय, अविनाश चन्द्र उपाध्याय, ई. कमलेश यादव, डॉ. अमित तिवारी तथा जदयू नेता नीरज मिश्रा समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने कहा कि समाज में अभी भी संवेदनशीलता और इंसानियत जिंदा है। लोगों के सहयोग से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है, वहीं लोगों द्वारा किए गए सहयोग की सराहना भी हो रही है।

