वीरता और स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: क्षत्रिय छात्र निवास, सारण के प्रांगण में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में सारण जिले के विभिन्न प्रखंडों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। आयोजन स्थल देशभक्ति, वीरता और स्वाभिमान के नारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जितेंद्र सिंह बरवा ने की, जबकि मंच संचालन पूर्व मुखिया देवेंद्र सिंह ने किया। वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन संघर्ष, त्याग, राष्ट्रभक्ति और अदम्य साहस पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए युवाओं से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं बल्कि स्वाभिमान, त्याग और मातृभूमि के सम्मान के प्रतीक थे। उन्होंने अपने जीवन में कठिन संघर्षों का सामना किया, घास की रोटी खाई, लेकिन कभी भी मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की। आज के समय में युवाओं को उनके साहस, राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्राचार्य प्रो. डॉ. प्रमेन्द्र रंजन सिंह, प्रियंका सिंह, कांग्रेस नेता अनिल सिंह, छपरा विधानसभा प्रत्याशी कन्हैया सिंह, रामबाबू सिंह, समाजसेवी धर्मेंद्र सिंह, पूर्व वार्ड पार्षद केदार सिंह, पूर्व जिला पार्षद पुरुषोत्तम सिंह गुड्डा, लोजपा नेता जगनंदन सिंह, शिक्षक नेता दिनेश सिंह, अभय सिंह, अनिल सिंह, विश्वजीत सिंह चंदेल, पंकज चौहान, जदयू नेता मनोज सिंह, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष कुसुम देवी, किरण सिंह, पत्रकार राकेश सिंह, शिक्षक यशपाल सिंह, ठाकुर अमर सिंह, अरुण सिंह, रितेश सिंह सिग्रीवाल, सत्येंद्र सिंह मुखिया, सत्येंद्र सिंह पिस्टिन, सत्येंद्र सिंह संवेदक, मदन सिंह तथा भाजपा नेता धर्मेंद्र सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कार्यक्रम समिति के सदस्य जितेंद्र सिंह, विजय सिंह, दिनेश सिंह, वीरेंद्र सिंह, रमाकांत सिंह, अजय सिंह, अनिरुद्ध सिंह, शिक्षक नेता सुरेंद्र सिंह समेत कई लोगों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का माहौल देखने को मिला।

